विलेज डिफेंस कमेटियों से मिलने वाले फीडबैक में 41% बढ़ोतरी; मुख्यमंत्री बोले- अब आखिरी कड़ी तक पहुंचकर हर गांव और मोहल्ले को नशामुक्त बनाना लक्ष्य
विलेज डिफेंस कमेटियों से मिलने वाले फीडबैक में 41% बढ़ोतरी; मुख्यमंत्री बोले- अब आखिरी कड़ी तक पहुंचकर हर गांव और मोहल्ले को नशामुक्त बनाना लक्ष्य
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहा ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को अभियान की समीक्षा करते हुए पुलिस को ड्रग तस्करों, सप्लायरों और नशा बेचने वालों के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब इस लड़ाई को अंतिम अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस के साथ लोगों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और आईजीपी/डीआईजी के साथ बैठक की। इसमें नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, विलेज डिफेंस कमेटियों की भूमिका और आम लोगों से मिलने वाली शिकायतों पर कार्रवाई की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी इलाके में अगर नशे के हॉटस्पॉट मौजूद हैं तो उन्हें चिन्हित कर वहां कार्रवाई तेज की जाए।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से मुक्त भविष्य देना सरकार की प्राथमिकता है और नशे का पूरी तरह खात्मा होने तक सरकार पीछे नहीं हटेगी। राज्य में इस समय 14,846 विलेज डिफेंस कमेटियां सक्रिय हैं, जिनमें 74,230 सदस्य जुड़े हुए हैं। सीमावर्ती इलाकों में 3,808 कमेटियों के 36,814 सदस्य सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विलेज डिफेंस कमेटियों से मिलने वाले नशे संबंधी फीडबैक में प्रदेशभर में 41% की बढ़ोतरी हुई है। इस फीडबैक के आधार पर पुलिस ने जनवरी से अब तक 4,129 एफआईआर दर्ज कर 5,589 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
इसी तरह सेफ पंजाब ऐप भी नशे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आया है। पिछले एक साल से अधिक समय में ऐप के जरिए मिली शिकायतों के आधार पर करीब 19,310 एफआईआर दर्ज हुईं और 25,138 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के सप्लाई नेटवर्क की रीढ़ तोड़ी जा चुकी है, लेकिन अंतिम कड़ी खत्म होने तक कार्रवाई जारी रखनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को विलेज डिफेंस कमेटियों के फीडबैक पर तेजी से कार्रवाई करने और सफल मॉडलों को दूसरे जिलों में लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद थाना स्तर पर एसएचओ के साथ बैठकें कर अभियान की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि एसएचओ पुलिस और जनता के बीच सबसे अहम कड़ी है, इसलिए थाने स्तर पर जवाबदेही और प्रदर्शन मजबूत किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ जंग गांवों, गलियों और मोहल्लों में जीती जाएगी।
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January 18, 2026
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