अधिकांश जायज मांगों पर कार्रवाई जारी, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश
अधिकांश जायज मांगों पर कार्रवाई जारी, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में शिक्षा कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान की दिशा में भगवंत मान सरकार ने तेजी लाते हुए महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की पांच प्रमुख यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर उनकी मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों के समाधान के लिए पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विभिन्न यूनियनों द्वारा सौंपे गए मांग पत्रों की समीक्षा की और कहा कि सरकार शिक्षा कर्मचारियों की चिंताओं को भली-भांति समझती है। उन्होंने बताया कि अधिकांश वैध मांगों पर पहले से ही कार्रवाई जारी है, जबकि शेष मांगों को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारियों से संबंधित सभी लंबित फाइलों के निपटारे में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में विभिन्न यूनियनों ने अपनी-अपनी प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखीं। स्पेशल कैडर टीचर्स फ्रंट ने लंबित वेतनमान और सेवा नियमों को लागू करने की मांग की। डेमोक्रेटिक मिड-डे मील कुक फ्रंट ने मिड-डे मील कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी कानून के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, आदर्श स्कूल टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग इंप्लाइज यूनियन ने वेतन और पदोन्नति से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
एन.एस.क्यू.एफ. वोकेशनल टीचर्स फ्रंट ने निजी कंपनियों के माध्यम से नियुक्ति की व्यवस्था समाप्त कर शिक्षकों को सीधे शिक्षा विभाग के अधीन लाने की मांग रखी। वहीं कंप्यूटर टीचर्स यूनियन ने तत्काल वित्तीय राहत के साथ-साथ दीर्घकालिक सेवा सुरक्षा और कर्मचारी कल्याण संबंधी मुद्दों को सरकार के समक्ष रखा।
बैठक में स्पेशल कैडर टीचर्स फ्रंट की ओर से अनुभव गुप्ता, गुरदीप सिंह और अनिल कुमार, डेमोक्रेटिक मिड-डे मील कुक फ्रंट की ओर से सिमरजीत कौर, सुरेश रानी, जैल कौर और जंगबहादुर कौर, आदर्श स्कूल टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग इंप्लाइज यूनियन की ओर से मनमोहन सिंह, दीपक कुमार और शुभकरण, एन.एस.क्यू.एफ. वोकेशनल टीचर्स फ्रंट की ओर से भूपिंदर सिंह, रणजीत सिंह और गुरजीत सिंह तथा कंप्यूटर टीचर्स यूनियन की ओर से गुरविंदर सिंह, हरजीत सिंह और नरदीप शर्मा ने अपनी-अपनी यूनियनों की मांगों और समस्याओं को वित्त मंत्री के समक्ष विस्तार से रखा।
बैठकों के माध्यम से पंजाब सरकार ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद, प्रशासनिक तत्परता और समयबद्ध कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
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