नई तकनीक से खिलाड़ियों की फिटनेस, मांसपेशियों की ताकत, शरीर की गतिविधियों, दौड़ने की गति और रिकवरी पर रखी जाएगी नजर; वैज्ञानिक आकलन के आधार पर कोच तैयार कर सकेंगे प्रशिक्षण योजनाएं