फिरोजपुर में सीएम भगवंत मान ने फहराया तिरंगा, स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के योगदान और शहीदों की कुर्बानियों को किया याद
फिरोजपुर में सीएम भगवंत मान ने फहराया तिरंगा, स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के योगदान और शहीदों की कुर्बानियों को किया याद
खबर खास | फिरोजपुर
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर के कैंट बोर्ड स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। समारोह से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर के साथ हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वर्ष 1947 के बंटवारे के दौरान पंजाब ने सबसे बड़ी कीमत चुकाई थी। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में भी पंजाबियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। कूका, गदर और बब्बर अकाली आंदोलनों के साथ-साथ शहीद भगत सिंह, शहीद ऊधम सिंह और करतार सिंह सराभा जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा।
मान ने कहा कि पंजाब की उपजाऊ धरती हर तरह की फसल पैदा कर सकती है, लेकिन यहां नफरत का बीज कभी नहीं उग सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब और देश की शांति, भाईचारे तथा सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाली ताकतें कभी सफल नहीं होंगी।
मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने देश की रक्षा में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है और कारगिल के पहाड़ों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तान तक सीमाओं पर अपनी सेवाएं दी हैं।
अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान कई चुनावी गारंटियां पूरी की गई हैं। इसके अलावा सरकार ने ऐसे कई काम भी किए हैं, जो मूल चुनावी वादों में शामिल नहीं थे।
उन्होंने बताया कि ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत अब तक 74 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है और योजना के अंतर्गत 2,274 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं से इस योजना के तहत पंजीकरण करवाने की अपील की।
‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि अब तक चार लाख से अधिक श्रद्धालु आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी और दरबार साहिब समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। पंजाब से बाहर हरिद्वार, ऋषिकेश, खाटू श्याम, सालासर, मथुरा और वृंदावन जैसे धार्मिक स्थलों के लिए भी अब बसें चलाई जा रही हैं।
मान ने कहा कि पंजाब को गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती मनाने का अवसर मिला है। इसके लिए राज्य सरकार ने पूरे वर्ष चलने वाले समारोहों के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने पिछले वर्ष गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर राज्य में आयोजित कार्यक्रमों को भी याद किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में अब 1,100 आम आदमी क्लीनिक हैं, जहां अब तक 5.25 करोड़ ओपीडी विजिट दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों से मिलने वाला स्वास्थ्य संबंधी डेटा सरकार को उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगा, जहां विशेष बीमारियों का प्रसार अधिक है और इसके आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का दावा करते हुए मान ने कहा कि पंजाब प्राथमिक शिक्षा की रैंकिंग में 27वें स्थान से पहले स्थान पर पहुंच गया है और केरल को पीछे छोड़ते हुए राज्य ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पंजाब के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा में सफलता हासिल की है, जबकि पहले सरकारी स्कूलों से लगभग 40 विद्यार्थी ही नीट में सफल होते थे। उन्होंने बताया कि राज्य के करीब 15,000 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए बसों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मान ने कहा कि निजी स्कूलों को फीस में पांच प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनके अनुसार, इस फैसले से राज्य के करीब 32 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा, जिनके बच्चे लगभग 7,800 स्कूलों में पढ़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘मेरी रसोई’ योजना से करीब 40 लाख लोगों को लाभ मिला है, जबकि पंजाब में 2,800 नए राशन डिपो खोले जा रहे हैं।
मान ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में पंजाबियों का योगदान केवल इतिहास की किताबों और फिल्मों में दर्ज नामों तक सीमित नहीं है। कई ऐसे गुमनाम देशभक्त भी थे, जिन्होंने आजादी के लिए महत्वपूर्ण बलिदान दिए।
उन्होंने देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में तैनात सैनिकों को भी नमन किया। मान ने कहा कि जब गर्मियों में लोग अपने परिवारों के साथ एयर कंडीशन कमरों में आराम करते हैं या कड़ाके की सर्दी में रजाइयों में सोते हैं, तब सैनिक देश की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर डटे रहते हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार पंजाब सरकार के किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी हुआ। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने लुधियाना में तिरंगा फहराया, जबकि राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ में समारोह की अध्यक्षता की। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारुचक ने पठानकोट और मंत्री मोहिंदर भगत ने जालंधर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराने के बाद अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में लुधियाना का भी उल्लेख किया। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों से अपने उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की अपील की।
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