डॉ. बलजीत कौर ने बताया- चालू वित्त वर्ष में योजना के लिए करीब ₹1,300 करोड़ का प्रावधान, पात्र महिलाओं तक सहायता पहुंचाने के लिए गांवों और दूरदराज के इलाकों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
डॉ. बलजीत कौर ने बताया- चालू वित्त वर्ष में योजना के लिए करीब ₹1,300 करोड़ का प्रावधान, पात्र महिलाओं तक सहायता पहुंचाने के लिए गांवों और दूरदराज के इलाकों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही विधवा और बेसहारा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय सहायता योजना के तहत करीब ₹729 करोड़ जारी किए हैं। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस राशि से राज्य की लगभग सात लाख पात्र महिलाओं को आर्थिक सहारा मिल रहा है। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक मुश्किलों से उबरने में मदद देना और उन्हें सम्मान व आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि समय पर मिलने वाली वित्तीय सहायता महिलाओं के रोजमर्रा के खर्चों का बोझ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आर्थिक सहयोग से जरूरतमंद महिलाएं अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और अधिक आत्मविश्वास के साथ जीवन आगे बढ़ाने में मदद हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि विधवा और बेसहारा महिलाओं सहित समाज के कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मंत्री के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के दौरान विधवा और बेसहारा महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत करीब ₹1,300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जारी की गई लगभग ₹729 करोड़ की राशि इसी योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास का हिस्सा है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।
कौन महिलाएं ले सकती हैं योजना का लाभ?
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि योजना के तहत 58 वर्ष से कम आयु की विधवा और बेसहारा महिलाएं आर्थिक सहायता के लिए पात्र हैं। इसके अलावा, 30 वर्ष या उससे अधिक आयु की अविवाहित महिलाएं भी निर्धारित शर्तों के अनुसार इस योजना का लाभ ले सकती हैं। आवेदक का पंजाब का निवासी होना जरूरी है और उसके परिवार की वार्षिक आय ₹60,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
मंत्री ने सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पात्र महिलाओं की पहचान के लिए सक्रियता से काम करें और आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाएं। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने पर जोर दिया, ताकि पात्र महिलाओं को योजना की जानकारी मिल सके और उन्हें लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
डॉ. बलजीत कौर ने पंचायतों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में जरूरतमंद महिलाओं की पहचान करने और उन्हें योजना के लिए आवेदन करने में मदद करें। उन्होंने कहा कि किसी भी कल्याणकारी योजना की सफलता केवल जारी की गई राशि से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि उसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक कितना पहुंचता है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0