आयोग द्वारा वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस एवं एचसीएस अधिकारियों को “डिम्ड डिपुटेशन” पर नियुक्त करते हुए उन्हें अंबाला, पंचकूला, सोनीपत सहित अन्य संबंधित जिलों में चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की निगरानी हेतु तैनात किया गया है।
आयोग द्वारा वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस एवं एचसीएस अधिकारियों को “डिम्ड डिपुटेशन” पर नियुक्त करते हुए उन्हें अंबाला, पंचकूला, सोनीपत सहित अन्य संबंधित जिलों में चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की निगरानी हेतु तैनात किया गया है।
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने आगामी 10 मई को निर्धारित स्थानीय निकाय चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने तथा आदर्श आचार संहिता के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के लिए जनरल, पुलिस एवं व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की है। आयोग द्वारा वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस एवं एचसीएस अधिकारियों को “डिम्ड डिपुटेशन” पर नियुक्त करते हुए उन्हें अंबाला, पंचकूला, सोनीपत सहित अन्य संबंधित जिलों में चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की निगरानी हेतु तैनात किया गया है।
इन पर्यवेक्षकों को चुनाव प्रबंधन के सभी पहलुओं पर नजर रखने के लिए तीन प्रमुख श्रेणियों में दायित्व सौंपे गए हैं। जनरल पर्यवेक्षक, जो वरिष्ठ आईएएस/एचसीएस अधिकारी हैं, आयोग के प्रतिनिधि के रूप में जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए ईवीएम एवं मतदान कर्मियों के रैंडमाइजेशन, नामांकन प्रक्रिया तथा नामांकन पत्रों की जांच, मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों की सीधे आयोग को रिपोर्ट करेंगे।
पुलिस पर्यवेक्षक, जो वरिष्ठ आईपीएस/एचपीएस अधिकारी हैं, कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी करते हुए मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता का आकलन, पुलिस बल एवं होमगार्ड की तैनाती की समीक्षा, शराब निषेध एवं हथियार प्रतिबंध के आदेशों का कड़ाई से पालन तथा रैली एवं लाउडस्पीकर की अनुमति के लिए सिंगल विंडो प्रणाली की निगरानी सुनिश्चित करेंगे।
वहीं, व्यय पर्यवेक्षक, जो डीईटीसी अधिकारी हैं, चुनाव में धनबल के प्रभाव को रोकने के लिए प्रत्याशियों के दैनिक व्यय रजिस्टर की निगरानी, स्थैतिक निगरानी टीम एवं फ्लाइंग स्क्वॉड के साथ समन्वय कर अवैध नकदी या उपहारों के आवागमन पर रोक तथा निर्धारित व्यय सीमा के अनुपालन को सुनिश्चित करेंगे।
ये सभी पर्यवेक्षक 13 मई 2026 को मतगणना प्रक्रिया पूर्ण होने तक अपने-अपने आवंटित जिलों में तैनात रहेंगे। आमजन की सुविधा के लिए इन पर्यवेक्षकों के संपर्क विवरण एवं उनके स्थानीय ठहराव के पते स्थानीय समाचार पत्रों तथा जिला प्रशासन की वेबसाइट पर प्रकाशित किए जाएंगे, ताकि कोई भी नागरिक, प्रत्याशी अथवा जनप्रतिनिधि आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित शिकायत होने पर निर्धारित जन-सुनवाई समय के दौरान सीधे पर्यवेक्षकों से संपर्क कर सके।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0