ZEE5 से हटाए जाने के बाद 'सतलुज' अब पंजाब के गुरुद्वारों, कम्युनिटी सेंटरों और गांवों के खुले मैदानों में दिखाई जा रही है। स्वयंसेवियों, सामाजिक संगठनों और प्रवासी पंजाबियों के सहयोग से यह जन अभियान तेजी से फैल रहा है।