करीब 567 करोड़ रुपये खर्च कर आयोजित हुए भव्य यूएफसी इवेंट में जस्टिन गेथजे बने लाइटवेट चैंपियन
करीब 567 करोड़ रुपये खर्च कर आयोजित हुए भव्य यूएफसी इवेंट में जस्टिन गेथजे बने लाइटवेट चैंपियन
खबर खास | वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना 80वां जन्मदिन व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में आयोजित एक भव्य अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) इवेंट के साथ मनाया। बताया जा रहा है कि इस आयोजन पर लगभग 6 करोड़ डॉलर (करीब 567 करोड़ रुपये) खर्च किए गए, जिससे इसे यूएफसी इतिहास के सबसे महंगे आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
इस फाइट कार्ड में कुल सात मुकाबले शामिल थे। मुख्य मुकाबले में अंतरिम लाइटवेट चैंपियन जस्टिन गेथजे का सामना निर्विवाद लाइटवेट चैंपियन इलिया टोपूरिया से हुआ। चार राउंड तक चले रोमांचक मुकाबले के बाद अमेरिकी फाइटर गेथजे ने टोपूरिया को हराकर लाइटवेट चैंपियनशिप बेल्ट अपने नाम कर ली। इसके साथ ही टोपूरिया को अपने पेशेवर करियर की पहली हार का सामना करना पड़ा।
इस भव्य आयोजन में राष्ट्रपति ट्रंप, उनके प्रशासन के कई वरिष्ठ सदस्य, विशिष्ट अतिथि और हजारों सैन्यकर्मी मौजूद रहे, जिन्होंने मुकाबलों का आनंद लिया।
शुरुआती मुकाबले में बो निकल ने पहले ही राउंड में काइल डौकस को नॉकआउट कर शानदार जीत दर्ज की। निकल ने पहले एक जोरदार लेफ्ट हुक और फिर राइट हैंड पंच से अपने प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर गिरा दिया, जिसके बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जीत के बाद निकल ऑक्टागन से बाहर आए और राष्ट्रपति ट्रंप से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया।
इस आयोजन में कुल 14 फाइटर्स ने हिस्सा लिया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि व्हाइट हाउस में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल इवेंट से यूएफसी की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी। एक समय ऐसा था जब यूएफसी को प्रायोजकों की आलोचना झेलनी पड़ती थी और एक अमेरिकी सीनेटर ने इसे “मानवीय मुर्गों की लड़ाई” तक कहा था। आज वही खेल अमेरिकी राजनीति के सबसे प्रतीकात्मक स्थलों में से एक तक पहुंच चुका है।
साल 1993 में अमेरिका में स्थापित अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) आज दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) संस्था बन चुकी है। इसकी शुरुआत इस उद्देश्य से की गई थी कि यह पता लगाया जा सके कि वास्तविक मुकाबले में कौन-सी मार्शल आर्ट सबसे प्रभावी है। इसके लिए बॉक्सिंग, रेसलिंग, कराटे, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु और अन्य फाइटिंग शैलियों के खिलाड़ियों को एक मंच पर लाया गया।
पहला यूएफसी टूर्नामेंट रॉयस ग्रेसी ने जीता था। उन्होंने अपनी ब्राजीलियन जिउ-जित्सु तकनीक के दम पर अपने से कहीं बड़े प्रतिद्वंद्वियों को हराकर इस खेल की दिशा बदल दी। समय के साथ एमएमए में काफी बदलाव आया है और आज के आधुनिक फाइटर्स बॉक्सिंग, रेसलिंग, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, किकबॉक्सिंग और जिउ-जित्सु जैसी कई विधाओं में प्रशिक्षण लेकर उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते हैं।
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