महज साढ़े चार साल में पुलिस फोर्स में 13,092 कर्मचारी शामिल, 3,298 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी—मुख्यमंत्री
महज साढ़े चार साल में पुलिस फोर्स में 13,092 कर्मचारी शामिल, 3,298 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी—मुख्यमंत्री
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब पुलिस में भर्ती हुए 1,746 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह राज्य सरकार की मेरिट के आधार पर रोजगार देने और पुलिस फोर्स को मजबूत करने की मुहिम में एक और ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में पुलिस फोर्स में 13,092 जवान शामिल किए गए हैं, जबकि 3,298 और कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही ‘बिना रिश्वत, बिना सिफारिश’ के आधार पर अब तक 70,840 युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
पुलिस फोर्स के विस्तार के साथ-साथ पंजाब सरकार ने इंस्पेक्टरों, एस.आई. और ए.एस.आई. की 1,600 नई जिला-कैडर पोस्टों को विभागीय पदोन्नति के जरिए भरने की मंजूरी भी दी है। यह कदम पंजाब की कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति की रक्षा करने और अशांति, आतंकवाद के खतरे तथा सड़क सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ फोर्स को मजबूत करने के लिए सरकार के इरादे स्पष्ट करता है।
इस अवसर की झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा: “आज जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में पंजाब पुलिस में शामिल होने वाले 1,746 नौजवान लड़के-लड़कियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। ये नौजवान ‘बिना रिश्वत, बिना सिफारिश’, केवल मेरिट के आधार पर भर्ती हुए हैं... पिछले लगभग ढाई वर्षों में हमारी सरकार 70,840 से अधिक नौकरियां दे चुकी है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुझे पूरा भरोसा है कि ये नए भर्ती हुए बहादुर जवान पूरी ईमानदारी और लगन से पंजाब और देश की रक्षा करेंगे... सभी युवाओं और उनके परिवारों को इस नई शुरुआत के लिए बहुत-बहुत बधाई। पंजाब पुलिस परिवार में आपका स्वागत है। इंकलाब जिंदाबाद।”
पी.ए.पी. ग्राउंड फिल्लौर में 1,746 नए भर्ती हुए कांस्टेबलों की पासिंग आउट परेड के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नए रंगरूटों को पंजाब पुलिस परिवार का अभिन्न अंग बनने पर बधाई दी और उन्हें समर्पण, पेशेवर रवैये और मिशनरी भावना के साथ लोगों की सेवा करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब को अपने कर्मचारियों को सबसे अधिक वेतन देने पर गर्व है, जो राज्य प्रशासन की रीढ़ की हड्डी हैं। उन्होंने कहा, “अगर केंद्र सरकार या कोई अन्य राज्य सरकार अपने किसी कर्मचारी को 36,000 रुपये वेतन देती है तो पंजाब सरकार अपने कर्मचारी को 50,000 रुपये वेतन देती है। यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को सबसे अधिक वेतन देती है, जो राज्य सरकार की रीढ़ की हड्डी हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भर्ती हुए युवा ऐसे समय में सरकार के परिवार में शामिल हो रहे हैं, जब राज्य सरकार पूरे पंजाब में रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक 70,840 युवाओं को केवल मेरिट के आधार पर नौकरियां दी हैं, जिसमें पूरी चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, भ्रष्टाचार और सिफारिश से मुक्त है।
उन्होंने कहा, “कई युवाओं ने अपनी काबिलियत के बल पर अलग-अलग विभागों में कई बार सफलतापूर्वक सरकारी नौकरियां हासिल की हैं, जो हमारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को दर्शाता है। हमारी सरकार पंजाब के हर गांव, कस्बे और शहर में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में सफल रही है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नई भर्ती के साथ पंजाब पुलिस और मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान फोर्स के अलग-अलग रैंक में 13,092 युवाओं की भर्ती की जा चुकी है, जबकि 3,298 और कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा, “अब से आप सरकारी परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। हम मिलकर रंगले और खुशहाल पंजाब की शान को बहाल करने के अपने साझा मिशन में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। यह न तो ऐसी पहली उपलब्धि है और न ही आखिरी होगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि साधारण परिवारों के बच्चे यह साबित कर रहे हैं कि समर्पण, दृढ़ता और उचित मार्गदर्शन के साथ वे सबसे चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों को भी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “आपने दिखा दिया है कि साधारण परिवारों के बच्चे लगन, समर्पण और दृढ़ता से हर लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि आप आने वाले वर्षों में नए मील के पत्थर स्थापित करते रहेंगे और पंजाब का नाम रोशन करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस की एक अलग जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि पंजाब पुलिस सिर्फ एक राज्य की पुलिस नहीं है, बल्कि यह देश की पुलिस है, जो दुश्मन पड़ोसी के साथ लगती 532 किलोमीटर ल
ंबी सीमा की रक्षा करती है।”
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने तथा पंजाब में शांति बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी हमेशा समर्पण भावना से निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने नशों के रूप में संताप झेला है, लेकिन राज्य सरकार ने इस समस्या से निर्णायक तरीके से निपटने के लिए ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ शुरू किया है। उन्होंने कहा, “पंजाब को नशों की लानत के कलंक के संकट और पीड़ा से गुजरना पड़ा, लेकिन अब हम नशा आतंकवाद (ड्रग टेररिज्म) के खिलाफ लड़ रहे हैं। पिछले करीब 500 दिनों में 70,000 से अधिक नशा तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है। मानवता के खिलाफ इस अपराध में शामिल नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जा रही हैं और गिराई जा रही हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पुलिस ने लोगों के सक्रिय सहयोग से नशों की कमर तोड़ दी है और पंजाब को इस कोढ़ से मुक्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नए भर्ती हुए पुलिस कर्मचारियों को नशों के खात्मे में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब नशों के खिलाफ देश की लड़ाई लड़ रहा है और पंजाब पुलिस ने हमेशा नशों की सप्लाई रोकने के लिए ढाल के रूप में काम किया है। अब वह समय आ गया है, जब आपको पंजाब पुलिस की शानदार परंपरा को कायम रखना चाहिए और राज्य से नशों की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब को कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग करने की दुश्मन ताकतों की योजनाओं का लगातार सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “राज्य के कई दुश्मन तत्व पंजाब की शांति भंग करने के लिए नापाक मंसूबे बनाते रहे हैं, लेकिन पंजाब पुलिस ने हमेशा ऐसी कोशिशों को नाकाम किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस फोर्स को जांच, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आधुनिक जरूरतों के अनुसार लगातार खुद को अपग्रेड करना चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि पंजाब पुलिस पूरी पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करने की अपनी शानदार विरासत को कायम रखेगी और नए भर्ती हुए जवान अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों पर चलेंगे।
नए भर्ती हुए पुलिस कर्मचारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस में शामिल होना एक महत्वपूर्ण अवसर है और उन्हें अपनी ड्यूटी पूरी लगन, मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ निभाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा, “आपको आम जनता के दुख-दर्द कम करने और उन्हें न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। आपका सबसे पहला फर्ज लोगों का कल्याण होना चाहिए, ताकि समाज के हर वर्ग को आपकी सेवा का लाभ मिल सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों का मुकाबला करने के लिए पुलिस फोर्स को वैज्ञानिक आधार पर अपग्रेड करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक पुलिस फोर्स को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए 15,000 से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि जवानों को अपनी ड्यूटी बेहतर ढंग से निभाने के लिए नए और आधुनिक वाहन भी उपलब्ध करवाए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने पंजाब पुलिस में जिला कैडर की 1,600 नई आसामियों को मंजूरी दी है, जिनमें 150 इंस्पेक्टर, 450 सब-इंस्पेक्टर और 1,000 सहायक सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। ये आसामियां विभागीय पदोन्नति के जरिए भरी जाएंगी, ताकि सेवा निभा रहे पुलिस कर्मचारियों को करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली बार पुलिस अधिकारियों को उनकी मेरिट और वरिष्ठता के अनुसार पदोन्नतियां दी जा रही हैं। हम फोर्स को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हमारे पुलिस कर्मचारी अपनी ड्यूटी और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें।”
सरकार के सड़क-सुरक्षा प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने और कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ शुरू की है।
उन्होंने बताया कि इस फोर्स के लिए लड़कियों सहित विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों की भर्ती की गई है और उन्हें आधुनिक वाहनों से लैस किया गया है। यह फोर्स लगभग 4,200 किलोमीटर के दुर्घटना संभावित राजमार्गों पर तैनात की गई है।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, इस फोर्स के गठन से सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 52.87 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा, “हाईवे पर बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने और कीमती जानें बचाने के लिए एस.एस.एफ. देश में अपनी तरह की पहली पहल है। ये युवा जवान इस फोर्स की रीढ़ की हड्डी के रूप में काम कर रहे हैं और हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रयासरत हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फोर्स ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी लगाम लगाने का काम कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संसद में राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की थी।
उन्होंने नए भर्ती हुए युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “अब आप सरकार का अभिन्न अंग बन गए हैं। मिशनरी भावना के साथ लोगों की सेवा करें और समाज के जरूरतमंद तथा पिछड़े वर्गों की मदद के लिए अपनी कलम और अपने पद का इस्तेमाल करें।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डी.जी.पी. गौरव यादव और अन्य शख्सियतें भी मौजूद थीं।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0