खालिस्तानी अलगाववादी ने किया एजेंसियों की चेतावनी का दावा, खतरे की प्रकृति और साजिश को लेकर आधिकारिक जानकारी अब तक सामने नहीं आई
खालिस्तानी अलगाववादी ने किया एजेंसियों की चेतावनी का दावा, खतरे की प्रकृति और साजिश को लेकर आधिकारिक जानकारी अब तक सामने नहीं आई
खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दावा किया है कि उसकी सुरक्षा को लेकर अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने उसे चेतावनी दी है। पन्नू के मुताबिक, दोनों एजेंसियों ने उसे संभावित खतरे के बारे में आगाह करते हुए फिलहाल यात्रा से बचने की सलाह दी है।
पन्नू के अनुसार, पिछले गुरुवार FBI के अधिकारी उससे मिलने पहुंचे थे। अधिकारियों ने कथित तौर पर उसे सलाह दी कि जब तक खतरा टल नहीं जाता, तब तक वह यात्रा न करे। अगर यात्रा करना जरूरी हो, तो अपनी योजना की जानकारी पहले FBI को देने को कहा गया है। इसके बाद मंगलवार को कनाडा की RCMP ने भी कथित तौर पर फोन कर उसे संभावित खतरे की जानकारी दी।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी और कनाडाई एजेंसियों को किस तरह की साजिश या खतरे की जानकारी मिली है। मामले में FBI और RCMP से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन तत्काल कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। ऐसे में फिलहाल पन्नू के दावे और कथित सुरक्षा चेतावनी को लेकर सार्वजनिक जानकारी सीमित है।
अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता रखने वाले पन्नू ने दावा किया कि उसे अमेरिका के ‘ड्यूटी टू वॉर्न’ प्रावधान के तहत चेतावनी दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे संभावित पीड़ितों को चेतावनी देना है, जब अमेरिकी अधिकारियों को हत्या, गंभीर शारीरिक नुकसान या अपहरण जैसे किसी विश्वसनीय और विशिष्ट खतरे की जानकारी मिले। हालांकि, इस मामले में खतरे के स्रोत या उसकी प्रकृति के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पन्नू को मिली कथित चेतावनी ऐसे समय सामने आई है, जब भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता अमेरिका में उसके खिलाफ कथित हत्या की साजिश से जुड़े मामले में सजा का इंतजार कर रहा है। गुप्ता ने फरवरी में संघीय साजिश से जुड़े आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया था और उसकी 20 नवंबर को मैनहट्टन की संघीय अदालत में सजा सुनाई जानी है।
अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि वर्ष 2023 में गुप्ता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर पन्नू की हत्या की साजिश में भूमिका निभाई थी। FBI के आरोपों के मुताबिक, पन्नू की हत्या की कथित योजना के लिए गुप्ता को भारत सरकार से जुड़े एक कर्मचारी ने निर्देश दिया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कथित साजिश के दौरान गुप्ता ने अनजाने में ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया था, जो अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अंडरकवर काम कर रहा था। गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
गुरपतवंत सिंह पन्नू ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) से जुड़ा प्रमुख अलगाववादी चेहरा है और भारत से अलग एक सिख राज्य ‘खालिस्तान’ की स्थापना की वकालत करता है। भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया हुआ है और उसके खिलाफ देश में कई मामले दर्ज हैं। वहीं, पन्नू खुद को सिख मानवाधिकारों का पैरोकार बताता है और दावा करता है कि उसका अभियान पंजाब में सभी धर्मों के लिए समान अधिकारों की मांग करता है।
पन्नू ने कहा है कि कथित धमकियों से वह न तो डरा है और न ही अपने अभियान से पीछे हटेगा। उसने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी भारत के सामने कथित खतरों का मुद्दा उठाने की अपील की है।
पन्नू ने कनाडा में मारे गए खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर का भी जिक्र किया। उसके मुताबिक, कनाडाई कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने निज्जर को भी कथित तौर पर ‘ड्यूटी टू वॉर्न’ के तहत चेतावनी दी थी। निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0