भूस्खलन के बाद आई विनाशकारी बाढ़ से मची तबाही, नेपाल में 340 विदेशी नागरिकों समेत सैकड़ों लोग लापता; तिब्बत में भी 558 लोगों के लापता होने की खबर
भूस्खलन के बाद आई विनाशकारी बाढ़ से मची तबाही, नेपाल में 340 विदेशी नागरिकों समेत सैकड़ों लोग लापता; तिब्बत में भी 558 लोगों के लापता होने की खबर
नेपाल-चीन सीमा पर बुधवार को भारी भूस्खलन के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। नेपाल में अब तक 157 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 400 से अधिक पर्यटकों के लापता होने की सूचना है। इनमें करीब 340 विदेशी नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है। ग्यिरोंग काउंटी में लापता लोगों की संख्या 558 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा खिसकने से ल्हेंडे नदी में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी पहुंच गया। देखते ही देखते नदी का बहाव बेहद खतरनाक हो गया और नेपाल के रसुवा जिले के कई इलाकों में घर, वाहन, सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं इसकी चपेट में आ गईं। प्रभावित क्षेत्र चीन के रसुवागढ़ी सीमा मार्ग से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक कीचड़ और पानी की विशाल लहर बस्तियों की ओर बढ़ी और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। 68 वर्षीय केशव प्रसाद बराल ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी का हाथ पकड़कर उन्हें छत पर ले जाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में उनकी पत्नी बह गईं। बराल को कई घंटे बाद हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया, लेकिन उनकी पत्नी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसने आम के पेड़ को पकड़कर अपनी जान बचाई, जबकि जिस घर में वह काम कर रहा था, वह कुछ ही पलों में मलबे में तब्दील हो गया।
नेपाल के पर्यटन अधिकारियों के अनुसार 400 से अधिक पर्यटक लापता हैं। इनमें करीब 340 विदेशी नागरिक हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के प्रवक्ता सुनील शर्मा के मुताबिक लापता लोगों में 133 भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका के 47, ऑस्ट्रेलिया के 34, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 24 नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
यह इलाका तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस समय इस रास्ते से बड़ी संख्या में भारतीय और विदेशी तीर्थयात्री यात्रा करते हैं। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार भूस्खलन से तिब्बत के शिगात्से क्षेत्र में स्थित ग्यिरोंग सीमा बंदरगाह भी प्रभावित हुआ है। सड़क, संचार और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। चीनी सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के मुताबिक ग्यिरोंग काउंटी में लापता लोगों की संख्या 558 हो गई है। दक्षिण कोरिया ने भी बताया है कि वहां जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे उसके आठ नागरिक लापता हैं।
चीनी सीमा की ओर लगे सुरक्षा कैमरों में कैद फुटेज में कई लोग बाढ़ और मलबे की तेज धारा से बचने के लिए भागते दिखाई दिए। कुछ ही क्षणों में पानी, चट्टानों और कीचड़ की विशाल लहर ने इमारतों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के अनुसार घटना के फुटेज में दर्ज समय से करीब सात मिनट पहले 4.4 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बाद में कहा कि उस समय दर्ज झटका संभवतः ग्लेशियर से चट्टानों और बर्फ के घाटी में गिरने के कारण पैदा हुआ था।
नेपाल के रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी और टिमुरे समेत प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। कई स्थानों पर नदी का जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर है, जिसके कारण हेलीकॉप्टरों के जरिए राहत अभियान चलाने में भी मुश्किलें आ रही हैं।
भूस्खलन और बाढ़ से बिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। प्रभावित परिवार सेना के प्रशिक्षण केंद्र के बाहर जमा होकर अपने लापता परिजनों की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस मोबाइल फोन की रोशनी में लापता लोगों के नाम दर्ज कर रही है।
नेपाल से आने वाली नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में छह जिलों से करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि अधिकारियों ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों से 10,000 से 12,000 लोगों को निकालने की तैयारी की है।
इस भीषण आपदा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद का सिलसिला शुरू हो गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल में प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए राहत सामग्री और कर्मचारियों को भेजे जाने की जानकारी दी है। अमेरिका और कनाडा ने भी अपने नागरिकों की स्थिति पर नजर रखने की बात कही है।
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January 18, 2026
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