लासलगांव मंडी में थोक भाव 35 रुपये किलो तक पहुंचा, बफर स्टॉक से बिक्री शुरू होते ही कीमतों में गिरावट की उम्मीद
लासलगांव मंडी में थोक भाव 35 रुपये किलो तक पहुंचा, बफर स्टॉक से बिक्री शुरू होते ही कीमतों में गिरावट की उम्मीद
देश में प्याज की कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक सप्ताह में प्याज के औसत खुदरा दाम में करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दक्षिण भारत से खरीफ प्याज की नई फसल की आवक में देरी के चलते महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में थोक कीमतें बढ़कर करीब 35 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं।
व्यापारियों के मुताबिक दक्षिण भारत में खरीफ प्याज की बुआई देर से होने के कारण नई फसल की मंडियों में आवक प्रभावित हुई है। सप्लाई में कमी के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है और इसका असर खुदरा कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 21 अगस्त को देश में प्याज का औसत खुदरा मूल्य 40.72 रुपये प्रति किलो रहा। 17 अगस्त को यही कीमत 37.20 रुपये प्रति किलो थी, जबकि एक महीने पहले प्याज का औसत भाव 34.87 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया था। यानी पिछले कुछ दिनों में प्याज की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण रखने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री शुरू करने की योजना बनाई है। उम्मीद है कि सितंबर के पहले सप्ताह से बफर स्टॉक का प्याज बाजार में उतारा जाएगा।
सरकार का उपभोक्ता मामलों का विभाग प्याज की मांग, आपूर्ति और कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए है। बफर स्टॉक से अतिरिक्त प्याज बाजार में आने और दक्षिण भारत से खरीफ फसल की आवक बढ़ने के बाद कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। इससे आने वाले दिनों में रसोई के बजट पर बढ़ा दबाव कुछ कम हो सकता है।
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