80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने देश को दिया आत्मनिर्भरता और विकसित भारत का संकल्प, परमाणु ऊर्जा से सेमीकंडक्टर तक गिनाईं उपलब्धियां
80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने देश को दिया आत्मनिर्भरता और विकसित भारत का संकल्प, परमाणु ऊर्जा से सेमीकंडक्टर तक गिनाईं उपलब्धियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तिरंगा फहराए जाने के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। लाल किले पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया।
लाल किले की प्राचीर पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी समेत देश के सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान एवं योगदान को नमन किया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर घर तिरंगा और हर मन तिरंगा है। देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा, देश को बड़े सपने देखने होंगे। उन्होंने कहा कि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और किसी भी राष्ट्र की महानता उसके सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य से तय होती है। भारत को भी अपने संकल्पों को और ऊंचा करते हुए आगे बढ़ना होगा।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है। देश इस समय ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है और ऐसे अवसर पर इससे बेहतर क्षण नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देशभक्ति की भावना से पूरा भारत ओतप्रोत है।
प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है और सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने इस वर्ष ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत की मौजूदा जरूरत है और इसे सुनिश्चित करने में परमाणु ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, देश में नए परमाणु रिएक्टर स्थापित किए जा रहे हैं और 2047 तक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में 100 गीगावाट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बढ़ती सेमीकंडक्टर क्षमता को भी देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि भारत में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों में उत्पादन शुरू हो चुका है और इनका निर्यात भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को लेकर चर्चा होती रही, लेकिन बड़े पैमाने पर विनिर्माण सुविधाओं का अभाव था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और आधुनिक तकनीक के लगभग हर क्षेत्र की बुनियाद हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत की रणनीतिक ताकत को बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि आने वाले सात से आठ वर्षों में देश में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित होने की उम्मीद है। इससे भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ से ‘विकसित भारत’ तक की यात्रा को और मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री के संबोधन में बड़े सपनों, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी क्षमता और विकसित भारत के संकल्प की झलक दिखाई दी। लाल किले की प्राचीर से उन्होंने देशवासियों से नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
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