‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर पुराना बयान फिर विवादों में, अभिनेत्री बोलीं—मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया और भ्रामक तरीके से पेश किया गया
‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर पुराना बयान फिर विवादों में, अभिनेत्री बोलीं—मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया और भ्रामक तरीके से पेश किया गया
अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य को लेकर दिए अपने पुराने बयान के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में उनसे फिल्म में दीपिका पादुकोण समेत अन्य महिलाओं के जौहर वाले दृश्य को लेकर सवाल किया गया था। इस दौरान उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और इसे लेकर उन्हें जमकर ट्रोल किया जाने लगा।
विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो जारी कर पूरे मामले पर सफाई दी। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं कहा। उनका दावा है कि कार्यक्रम में दिए गए उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और उसका गलत या भ्रामक अनुवाद सोशल मीडिया पर फैलाया गया।
स्वरा ने बताया कि कार्यक्रम में उनसे संजय लीला भंसाली को लिखे गए अपने ओपन लेटर और ‘पद्मावत’ को लेकर उनकी आपत्ति के बारे में सवाल किया गया था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी एक छोटी वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, जिसे देखकर यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं की बहादुरी पर सवाल उठाया था, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है।
अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं की बहादुरी के बारे में नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी उन्हें कायर नहीं बताया। साथ ही सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर की जा रही आलोचना पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी को भाषा समझ नहीं आती तो उसे पूछ लेना चाहिए और मनगढ़ंत कहानियों के जरिए लोगों को भड़काना नहीं चाहिए।
‘मेरी आपत्ति महिला की जिंदगी से जुड़ी थी’
स्वरा भास्कर ने अपने बयान का संदर्भ समझाते हुए कहा कि ‘पद्मावत’ का क्लाइमैक्स देखते समय उनके मन में यह विचार आया था कि यदि कोई महिला यौन हिंसा का शिकार होने के बाद जिंदा बचती है, तो उसे अपनी जिंदगी खत्म कर लेने को बेहतर विकल्प क्यों समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी आपत्ति इस विचार से थी कि किसी महिला की शारीरिक पवित्रता को उसकी जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाए। स्वरा के मुताबिक, किसी महिला के साथ दुष्कर्म होने के बाद उसकी जिंदगी की कीमत कम नहीं हो जाती और उसे यह महसूस नहीं कराया जाना चाहिए कि उसके साथ हुई हिंसा के बाद जीना किसी तरह की विफलता है।
अभिनेत्री ने देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में रेप कल्चर एक गंभीर समस्या है। उन्होंने हाल की एक गैंगरेप की घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसी घटनाएं इस बात की याद दिलाती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके जीवन को लेकर समाज को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
निर्भया मामले का भी किया जिक्र
स्वरा भास्कर ने अपनी बात रखते हुए निर्भया मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि निर्भया ने आखिरी समय तक अपने साथ हुई हिंसा का विरोध किया और आरोपियों के खिलाफ संघर्ष किया। अभिनेत्री का कहना था कि ऐसी घटनाओं को याद करते समय महिलाओं के जीवन, उनके साहस और उनके संघर्ष को महत्व दिया जाना चाहिए।
स्वरा ने दोहराया कि ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य को लेकर उनकी आपत्ति किसी ऐतिहासिक पात्र की बहादुरी पर टिप्पणी नहीं थी, बल्कि उस संदेश को लेकर थी जो उन्हें लगा कि ऐसे दृश्य से समाज तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसी महिला की जिंदगी को उसके साथ हुई यौन हिंसा के आधार पर कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।
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