पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दोनों विधायकों को निलंबित करने के बाद आम आदमी पार्टी से उनके इस्तीफे; अब विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष कार्रवाई की मांग उठाने की तैयारी
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दोनों विधायकों को निलंबित करने के बाद आम आदमी पार्टी से उनके इस्तीफे; अब विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष कार्रवाई की मांग उठाने की तैयारी
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने विधायकों हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा की विधानसभा सदस्यता खत्म कराने की दिशा में कदम बढ़ाने की तैयारी कर ली है। पार्टी इस मामले को लेकर पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पास जाने वाली है। दोनों विधायकों पर कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगने के बाद उन्हें आम आदमी पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद दोनों विधायकों ने पार्टी से अपने इस्तीफे भी सौंप दिए, जिससे सत्तारूढ़ दल के भीतर राजनीतिक घटनाक्रम और तेज हो गया।
पार्टी अब इस पूरे मामले को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाने की तैयारी कर रही है। आम आदमी पार्टी चाहती है कि दोनों विधायकों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए, जिससे उनकी पंजाब विधानसभा की सदस्यता समाप्त हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत सक्षम प्राधिकारी ही लेगा।
पार्टी नेतृत्व और विधायकों के बीच बढ़ा विवाद
हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा के निलंबन के बाद से ही पार्टी नेतृत्व और दोनों विधायकों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के आधार पर की गई कार्रवाई के बाद दोनों का आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देना इस विवाद का अगला घटनाक्रम माना जा रहा है। इससे पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और तेज हो गई है।
अब विधानसभा अध्यक्ष के सामने पहुंचेगा मामला
आम आदमी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क करने की तैयारी के साथ ही यह मामला अब औपचारिक विधायी प्रक्रिया में प्रवेश कर सकता है। पार्टी की ओर से उठाए जाने वाले कदमों और उसके आधार पर स्पीकर द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी। दोनों विधायकों की सदस्यता को लेकर किसी भी तरह का अंतिम निर्णय लागू संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही लिया जाएगा।
पंजाब की राजनीति पर पड़ सकता है असर
इस घटनाक्रम का असर आम आदमी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और पंजाब विधानसभा में उसकी स्थिति पर भी पड़ सकता है। दोनों विधायकों के निलंबन, पार्टी से इस्तीफे और अब सदस्यता समाप्त कराने की संभावित कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में इस मुद्दे को चर्चा का विषय बना दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि पार्टी स्पीकर के समक्ष कब और किस आधार पर मामला उठाती है तथा इस पर आगे क्या निर्णय होता है।
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