पुरानी दरों पर ही नया टेंडर जारी करने की योजना; सालाना लाइसेंस फीस करीब 3 करोड़ से घटाकर 2 करोड़ रुपये करने पर विचार, स्मार्ट पार्किंग प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में
पुरानी दरों पर ही नया टेंडर जारी करने की योजना; सालाना लाइसेंस फीस करीब 3 करोड़ से घटाकर 2 करोड़ रुपये करने पर विचार, स्मार्ट पार्किंग प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में
खबर खास | चंडीगढ़
वाहन चालकों को फिलहाल राहत
चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में वाहन पार्क करने वालों को फिलहाल अधिक शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। नगर निगम ने पार्किंग दरें बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज होने के बाद मौजूदा शुल्क को ही जारी रखने की तैयारी की है। इसका सीधा फायदा सेक्टर-17 आने वाले दुकानदारों, कर्मचारियों और ग्राहकों को मिलेगा। निगम अब पुरानी दरों के आधार पर नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
3 करोड़ का टेंडर घटकर 2 करोड़ होने का अनुमान
पार्किंग संचालन के लिए पहले करीब 3 करोड़ रुपये की न्यूनतम सालाना लाइसेंस फीस के आधार पर टेंडर तैयार किया गया था। पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी नहीं होने के बाद अब इस राशि को संशोधित कर लगभग 2 करोड़ रुपये किए जाने का अनुमान है। हालांकि, अंतिम राशि पार्किंग कमेटी की बैठक में वित्तीय गणना और अन्य पहलुओं पर विचार करने के बाद तय की जाएगी।
अगले सप्ताह पार्किंग कमेटी की अहम बैठक
नगर निगम की पार्किंग कमेटी अगले सप्ताह बैठक कर नए टेंडर की शर्तों और लाइसेंस फीस पर चर्चा करेगी। इसमें आय और खर्च से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। निगम को उम्मीद है कि नए जॉइंट म्यूनिसिपल कमिश्नर के कार्यभार संभालने के बाद इसी महीने टेंडर जारी किया जा सकेगा। इसके बाद पार्किंग संचालन के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
चुनावी माहौल में शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज
सेक्टर-17 में पार्किंग शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव नगर निगम के जनरल हाउस में रखा गया था, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। आगामी नगर निगम चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दल भी लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के पक्ष में नहीं थे। इसके चलते फिलहाल पुरानी दरों को बरकरार रखने का फैसला किया गया। अब निगम को उसी हिसाब से टेंडर की नई वित्तीय शर्तें तैयार करनी पड़ रही हैं।
स्मार्ट पार्किंग की योजना पर लगा विराम
सेक्टर-17 की पार्किंग को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना भी फिलहाल टाल दी गई है। इसके तहत ऑटोमेटेड सेंसर लगाने और मोबाइल ऐप के माध्यम से पार्किंग स्लॉट बुक करने जैसी सुविधाएं शुरू की जानी थीं। यह परियोजना पार्किंग शुल्क में प्रस्तावित बढ़ोतरी से जुड़ी हुई थी। शुल्क नहीं बढ़ने के कारण स्मार्ट सुविधाओं को लागू करने की योजना पर फिलहाल आगे काम नहीं हो रहा है।
20 पार्किंग स्थलों का संचालन संभालेगी निजी एजेंसी
नगर निगम अब सेक्टर-वाइज पार्किंग व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है और इसकी शुरुआत सेक्टर-17 से होगी। योजना के तहत यहां के सभी 20 पेड पार्किंग स्थलों का संचालन और रखरखाव एक निजी एजेंसी को सौंपा जाएगा। इसमें मल्टीलेवल अंडरग्राउंड पार्किंग भी शामिल होगी। नए टेंडर के जरिए ठेकेदार का चयन किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत सेक्टर-17 की पार्किंग का संचालन और देखरेख एक ही एजेंसी के जिम्मे होगी।
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