पुरानी दरों पर ही नया टेंडर जारी करने की योजना; सालाना लाइसेंस फीस करीब 3 करोड़ से घटाकर 2 करोड़ रुपये करने पर विचार, स्मार्ट पार्किंग प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में