जगराओं के कमालपुर गांव में लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये की अतिरिक्त ग्रांट देने का ऐलान किया; सरकारी नौकरियों, शिक्षा योजनाओं और 1 नवंबर को महिलाओं के खातों में वित्तीय सहायता पहुंचने की बात कही
खबर खास | जगराओं
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ दाखिल 40,000 पन्नों की चार्जशीट के बाद उनके लिए कानूनी कार्रवाई से बच पाना मुश्किल होगा।
जगराओं क्षेत्र के कमालपुर गांव में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और अपनी सरकार की विकास एवं जनकल्याण योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
मजीठिया पर टिप्पणी करते हुए मान ने कहा, “कल बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ 40,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई। मैं दावे के साथ कहता हूं कि अब वह बच नहीं पाएंगे।”
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर पंजाब की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में नशे की समस्या बढ़ी। उन्होंने कहा कि पंजाब कभी अपने सैनिकों, गिद्दा और भांगड़ा के लिए जाना जाता था, लेकिन बाद में राज्य की पहचान नशे और नशे से जुड़ी गतिविधियों के साथ जोड़ दी गई।
कमालपुर गांव के विकास के लिए 51 लाख रुपये की ग्रांट
मुख्यमंत्री ने कमालपुर गांव में विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये की अतिरिक्त ग्रांट देने की घोषणा की और गांव के सरपंच को चेक सौंपा। उन्होंने बताया कि गांव में पहले ही 4.5 करोड़ रुपये विकास परियोजनाओं पर खर्च किए जा चुके हैं।
मान के अनुसार, नई ग्रांट का इस्तेमाल तालाब के निर्माण और इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने जैसे कार्यों के लिए किया जाएगा।
पिछली कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले गांवों को लगभग 50,000 रुपये की ग्रांट मिलती थी, जिसका बड़ा हिस्सा यह पता लगाने में खर्च हो जाता था कि पैसा कहां गया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने राशि सीधे गांव के खाते में जमा कराई है, जिससे सरपंच ग्रामीणों से विचार-विमर्श करके विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय कर सकता है।
मान ने कहा, “पैसा लोगों का है। वे टैक्स देते हैं और उनका पैसा विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है।”
महिलाओं को 1 नवंबर को मिलेगी वित्तीय सहायता
महिलाओं को वित्तीय सहायता देने की योजना के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को 1 नवंबर को अपने मोबाइल फोन पर खाते में पैसे जमा होने से संबंधित संदेश मिलने की उम्मीद रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सहायता किसी को अमीर नहीं बनाएगी, लेकिन परिवारों को रोजमर्रा के खर्च पूरे करने में मदद कर सकती है।
मान ने बताया कि कुछ महिलाओं ने उन्हें कहा था कि उन्होंने इस पैसे से दुकानदारों का उधार चुकाया या अपने पोते-पोतियों के लिए साइकिल खरीदी। उन्होंने कहा कि यह पैसा लोगों का है और इसे उन्हीं को लौटाया जा रहा है।
योजना की आलोचना करने वाले विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने से उनकी आदतें कैसे खराब हो सकती हैं, जबकि उनके आरोप के मुताबिक विपक्षी नेताओं ने संपत्ति जमा की, लेकिन उन्हें वैसी आलोचना का सामना नहीं करना पड़ा।
अब तक 70,600 सरकारी नौकरियां देने का दावा
अपनी सरकार के रोजगार संबंधी रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए मान ने कहा कि अब तक 70,600 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उनके अनुसार, इन नियुक्तियों में राजनीतिक सिफारिश या प्रभाव का इस्तेमाल नहीं किया गया।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा पर ध्यान देने और पटवारी भर्ती तथा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि योग्य उम्मीदवारों को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिले। उन्होंने दावा किया कि चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र पाने के लिए राजनीतिक नेताओं के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
मान ने राज्य की शिक्षा संबंधी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में सफल होने वाले पंजाब के विद्यार्थियों की संख्या वर्ष 2021 में 80 से बढ़कर 2026 में 882 हो गई।
उन्होंने कहा कि यह वृद्धि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार को दर्शाती है और इससे सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के अवसर बढ़ेंगे।
‘गरीबी दूर करने की कुंजी शिक्षा है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीले या पीले कार्ड के माध्यम से राशन उपलब्ध कराना तत्काल राहत दे सकता है, लेकिन इससे गरीबी हमेशा के लिए समाप्त नहीं होगी।
उन्होंने कहा, “अगर गरीबी दूर करनी है, तो बच्चों को शिक्षित करना होगा और उन्हें अधिकारी बनने के योग्य बनाना होगा।” उन्होंने इसे पंजाब के लिए अपना दृष्टिकोण बताया।
मान ने यह भी दावा किया कि युवाओं के विदेश जाने का रुझान कम हुआ है और राज्य के भीतर ही अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विदेश में रहने वाले पंजाबियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिनमें प्रतिकूल मौसम और चुनौतीपूर्ण जीवन परिस्थितियां शामिल हैं।
सुखबीर बादल और कांग्रेस नेताओं पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर भी निशाना साधा। उन्होंने सुखबीर और उनके पिता तथा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बीच पहले हुई एक बातचीत का जिक्र करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कीं।
मान ने कांग्रेस की स्थिति पर भी कटाक्ष किया और पार्टी की तुलना 90 वर्ष के ऐसे व्यक्ति से की, जिसे घर पर देखभाल की जरूरत होती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं चरणजीत सिंह चन्नी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नवजोत सिंह सिद्धू पर भी निशाना साधा।
विपक्षी दलों पर सत्ता के लिए संघर्ष करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नेता बार-बार राजनीतिक रुख बदलते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे पर हमला करने वाले नेता आपस में अच्छे संबंध बनाए रखते हैं।
हाल ही में एक शादी समारोह में राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए मान ने आरोप लगाया कि नेता आपस में मेलजोल रखते हैं, जबकि उनके राजनीतिक मतभेदों के कारण आम लोगों के बीच विभाजन पैदा होता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो राजनीतिक दलों से जुड़ाव के कारण सामाजिक समारोहों में जाने से भी बचते हैं।
पिछली सरकारों पर जनता से दूरी बनाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुखबीर बादल के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद उन्होंने आम लोगों के लिए अपने दरवाजे बंद कर लिए थे।
उन्होंने कहा कि उन नेताओं को चुनाव नजदीक आने पर ही लोगों की याद आती थी। इसके विपरीत, मान ने दावा किया कि उनकी सरकार जनता से जुड़ी रहती है और उनकी समस्याओं को समझती है।
अपने राजनीतिक जीवन का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राजनीति में पैसा कमाने के लिए प्रवेश नहीं किया था। वह मनोरंजन के क्षेत्र में काम जारी रखकर भी कमाई कर सकते थे। उन्होंने अपनी जुगनू टीम के जरिए कलाकार बिन्नू ढिल्लों और करमजीत अनमोल के साथ अपने जुड़ाव का उल्लेख किया।
मान ने कहा, “मुझे लगा कि हंसी का कोई अर्थ तभी है, जब घर के चूल्हे में आग जल रही हो।” उन्होंने इस बात को सार्वजनिक सेवा में आने के अपने फैसले से जोड़कर समझाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक सत्ता अंततः जनता के हाथ में होती है और उन्होंने अपनी चुनावी जीत का श्रेय मतदाताओं को दिया। उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट रहने और अपने गांवों के विकास से जुड़े फैसलों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
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