पुलिस का दावा—एक युवक ने पेट्रोल बम फेंका, जबकि दूसरे ने मोबाइल फोन से पूरी वारदात रिकॉर्ड की; साजिश के पीछे शामिल लोगों की तलाश जारी
पुलिस का दावा—एक युवक ने पेट्रोल बम फेंका, जबकि दूसरे ने मोबाइल फोन से पूरी वारदात रिकॉर्ड की; साजिश के पीछे शामिल लोगों की तलाश जारी
खबर खास | संगरूर
संगरूर में बीजेपी कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले के मामले में पंजाब पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों को कथित तौर पर ₹2,200 देकर वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया था। पुलिस के अनुसार, एक युवक को पेट्रोल बम फेंकने की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि दूसरे युवक ने मोबाइल फोन से पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, वारदात की वीडियो को अहम सबूत माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वीडियो किस उद्देश्य से बनाई गई थी और क्या इसे सोशल मीडिया पर फैलाकर डर या तनाव का माहौल पैदा करने की योजना थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को हमला करने से पहले कथित तौर पर कुछ निर्देश दिए गए थे। घटना के दौरान बीजेपी कार्यालय की ओर पेट्रोल बम फेंका गया, जिससे स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता पैदा हो गई। हालांकि, पुलिस अभी नुकसान की पूरी स्थिति का आकलन कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि इस घटना की योजना बनाने या इसे अंजाम देने में अन्य लोग शामिल थे या नहीं।
जांच अब ₹2,200 की रकम के स्रोत और उन लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित है, जिन्होंने कथित तौर पर युवकों को इस वारदात के लिए उकसाया या निर्देश दिए। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है, ताकि कॉल रिकॉर्ड, संदेश, वीडियो और अन्य संदिग्ध संपर्कों के जरिए संभावित साजिशकर्ताओं का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले में आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका हमले की योजना बनाने, आर्थिक मदद देने, सहयोग करने या आरोपियों को उकसाने में सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में बीजेपी कार्यालय और अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और मामले से जुड़े किसी भी अपुष्ट वीडियो या जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करने की अपील की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से पूछताछ तथा डिजिटल साक्ष्यों की पूरी जांच के बाद कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर कम रकम का लालच देकर युवाओं से कथित तौर पर आपराधिक वारदातें करवाने की गंभीर चिंता को सामने ला दिया है।
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