पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल पर भाजपा और केंद्रीय जांच एजेंसियों के ‘मुखपत्र’ के रूप में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईडी द्वारा डीजीपी को भेजे गए पत्र का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी सरकार को बदनाम करने और पंजाब की जनता को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है।
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भेजे गए पत्र को लेकर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चीमा ने आरोप लगाया कि अकाली दल ने अपने सिद्धांतों को छोड़ दिया है और अब वह भाजपा तथा केंद्रीय जांच एजेंसियों के ‘मुखपत्र’ के तौर पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि अकाली दल, ईडी के पंजाब डीजीपी को भेजे गए पत्र को राजनीतिक हथियार बनाकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को निशाना बना रहा है।
चीमा ने दावा किया कि अकाली दल पंजाब में अपना खोया राजनीतिक आधार वापस हासिल करने के लिए भाजपा की एक शाखा की तरह काम कर रहा है। उन्होंने वर्ष 2007 से 2017 तक की अकाली-भाजपा सरकार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान नशे, श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं और भ्रष्टाचार ने पंजाब के सामाजिक ताने-बाने, अर्थव्यवस्था और युवाओं को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग आज भी ‘चिट्टा’ के कहर, श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं और कथित व्यापक भ्रष्टाचार को नहीं भूले हैं। चीमा के अनुसार, इन परिस्थितियों के कारण कई परिवारों को अपने बच्चों का भविष्य विदेश में सुरक्षित करने के लिए जमीन और संपत्ति तक बेचनी पड़ी।
वित्त मंत्री ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल अक्सर विपक्षी नेताओं को डराने और निर्वाचित राज्य सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव नजदीक आते हैं या विपक्षी सरकारें राजनीतिक रूप से मजबूत रहती हैं, तब केंद्रीय एजेंसियों का कथित दुरुपयोग बढ़ जाता है। चीमा ने कहा कि भाजपा को लोकतांत्रिक मूल्यों पर भरोसा नहीं है और वह राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करती है।
अपने बयान के अंत में चीमा ने कहा कि पंजाब की जनता अकाली दल की ‘अवसरवादी राजनीति’ और भाजपा के साथ उसके लंबे राजनीतिक संबंधों से पूरी तरह परिचित है। उन्होंने दावा किया कि न तो प्रवर्तन निदेशालय और न ही अकाली दल पंजाबियों को गुमराह करने में सफल होगा और न ही आम आदमी पार्टी सरकार के शासन एवं विकास के एजेंडे को पटरी से उतार पाएगा।
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