राजधानी में एक ही दिन में H1N1 के 114 नए मामले सामने आए, इस साल कुल संक्रमितों की संख्या 1,777 पहुंची; स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश दिए।
राजधानी में एक ही दिन में H1N1 के 114 नए मामले सामने आए, इस साल कुल संक्रमितों की संख्या 1,777 पहुंची; स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश दिए।
खबर खास | नई दिल्ली
दिल्ली में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू (H1N1) के 1,770 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
शुक्रवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने वरिष्ठ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में राजधानी में H1N1 की स्थिति की समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी सरकारी अस्पतालों को इन्फ्लूएंजा से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमण के पैटर्न, प्रभावित इलाकों और संभावित हॉटस्पॉट की पहचान के लिए निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, H1N1 संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
दिल्ली में एक ही दिन में H1N1 के 114 नए मामले सामने आए, जिसके बाद इस साल पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई है। 6 अगस्त तक दिल्ली में H1N1 के 1,344 मामले दर्ज किए गए थे। यानी केवल 14 दिनों में 433 नए मामले सामने आए।
स्वास्थ्य विभाग ने 20 अगस्त को सामने आए 114 नए मामलों की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की है कि ये मामले किन अस्पतालों में पाए गए।
पिछले साल की तुलना में इस बार संक्रमण में काफी तेजी देखी जा रही है। पिछले साल इसी अवधि में दिल्ली में H1N1 के केवल 229 मामले सामने आए थे। इस लिहाज से इस साल मामलों की संख्या करीब आठ गुना अधिक है।
एम्स के विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और अधिक नमी के कारण इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। बुजुर्गों और फेफड़ों की बीमारी, हृदय रोग तथा मधुमेह जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
सर गंगा राम अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. ऋषिकेश देसाई ने बताया कि अस्पताल में मौसमी इन्फ्लूएंजा के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोग आमतौर पर संक्रमण से ठीक हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में इन्फ्लूएंजा गंभीर रूप ले सकता है।
संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा रस्तोगी पांडा ने भी इन्फ्लूएंजा और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि की जानकारी दी है।
डॉक्टरों के अनुसार, मौजूदा मौसम में कई मरीज लगातार खांसी और तेज बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों में होने वाली सूजन कुछ मरीजों में खांसी और सांस लेने में परेशानी को और बढ़ा सकती है।
H1N1 संक्रमण के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। डॉक्टरों ने खासकर उच्च जोखिम वाले लोगों को लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज न करने और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
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