रसोई का खर्च बढ़ा तो बढ़ी चिंता, चक्की आटा, चीनी और सरसों तेल की कीमतों में उछाल से मध्यम वर्ग पर बढ़ा बोझ
रसोई का खर्च बढ़ा तो बढ़ी चिंता, चक्की आटा, चीनी और सरसों तेल की कीमतों में उछाल से मध्यम वर्ग पर बढ़ा बोझ
रसोई में इस्तेमाल होने वाली रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। आटा, चीनी और सरसों तेल के दाम बढ़ने से खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। खुदरा बाजार में चक्की आटा करीब 3 रुपये प्रति किलो और ब्रांडेड आटा लगभग 1 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है। वहीं चीनी की कीमत 70 से 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
पंजाब रोलर फ्लोर मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश घई ने आटे की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि करते हुए कहा कि देशभर में इसके दाम बढ़े हैं। उनके मुताबिक पंजाब में करीब 90 रोलर फ्लोर मिलें और हजारों आटा चक्कियां हैं, जहां कीमतों में इजाफा हुआ है।
नरेश घई के अनुसार, अप्रैल में नई गेहूं फसल की खरीद के दौरान केंद्र सरकार ने पंजाब से करीब 122 लाख टन गेहूं खरीदा था, जो राज्य के कुल उत्पादन का लगभग 98 प्रतिशत था। बाकी करीब 2 प्रतिशत गेहूं फ्लोर मिलर्स के पास मौजूद था। अब यह स्टॉक खत्म होने के बाद मिलर्स दूसरे राज्यों से गेहूं खरीद रहे हैं, जिसके चलते लागत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हर साल खरीद सीजन के बाद ऐसी स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन पंजाब गेहूं उत्पादक होने के साथ-साथ बड़ा उपभोक्ता राज्य भी है। ऐसे में केंद्र सरकार को राज्य के लिए विशेष नीति पर विचार करना चाहिए।
मिलर राघव अरोड़ा ने बताया कि अप्रैल में गेहूं की कीमत करीब 2,585 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर लगभग 2,800 रुपये हो गई है। उनका कहना है कि मिलर्स अपनी ओर से केवल सीमित प्रोसेसिंग शुल्क लेते हैं। दूसरी ओर, बड़े ब्रांडों के 10 किलो आटे के पैकेट पहले ही 420 से 460 रुपये तक बिक रहे हैं। एक प्रमुख ब्रांड के नए लॉट के 10 किलो पैकेट पर अब 500 रुपये का मूल्य दर्ज है, जबकि पहले यही पैकेट 489 रुपये का था।
खुदरा दुकानदार बूटा राम ने बताया कि 10 किलो चक्की आटा अब 340 से 350 रुपये में बिक रहा है, जबकि थोक कीमत पहले 290 रुपये थी, जो बढ़कर करीब 315 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि उनके ज्यादातर ग्राहक मध्यम और निम्न-मध्यम आय वर्ग से हैं, इसलिए वे ब्रांडेड आटा रखने के बजाय चक्की आटे की बिक्री पर ज्यादा निर्भर हैं।
आटे के साथ चीनी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। बाजार में गुणवत्ता के आधार पर चीनी 70 से 75 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। वहीं सरसों तेल की कीमत में भी पिछले एक महीने में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बिना ब्रांड वाला सरसों तेल करीब 180 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जबकि एक महीने पहले यह लगभग 140 रुपये प्रति लीटर था। ब्रांडेड सरसों तेल की कीमत करीब 220 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है।
अमृतसर में सड़क किनारे खाद्य पदार्थ बेचने वाले हीरा सिंह ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बढ़ी कीमतों के बाद अब रसोई की जरूरी चीजों के महंगे होने से रोजमर्रा का खर्च और बढ़ गया है। उनका कहना है कि आटा, चीनी और तेल जैसी वस्तुएं हर घर की दैनिक जरूरत हैं, इसलिए इनके दाम बढ़ने का सीधा असर परिवार के मासिक बजट पर पड़ रहा है।
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