शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और बिल की जांच जरूरी; ज्वेलरी खरीदने से पहले इन पहलुओं को समझकर करें सही सौदा
शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और बिल की जांच जरूरी; ज्वेलरी खरीदने से पहले इन पहलुओं को समझकर करें सही सौदा
खबर खास | बिजनेस
सोना और चांदी खरीदते समय केवल बाजार भाव देखना काफी नहीं है। गहनों की अंतिम कीमत में शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज और जीएसटी जैसे कई खर्च शामिल होते हैं। ऐसे में खरीदारी से पहले जरूरी जानकारी न होने पर ग्राहकों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। खासकर शादी-ब्याह और त्योहारों के मौसम में ज्वेलरी खरीदते समय कुछ सावधानियां बरतकर अनावश्यक खर्च से बचा जा सकता है।
बाजार भाव और कुल कीमत की करें तुलना
सोने-चांदी की कीमतें रोज बदलती हैं और अलग-अलग शहरों में स्थानीय बाजार के कारण रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले ताजा भाव पता करें और दो-तीन प्रतिष्ठित ज्वेलर्स से कुल कीमत पूछें। केवल कम प्रति ग्राम रेट देखकर फैसला न करें, क्योंकि मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क जुड़ने के बाद बिल बढ़ सकता है।
कैरेट और हॉलमार्क से पहचानें शुद्धता
24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध होता है, जबकि आभूषण बनाने में आमतौर पर 22 कैरेट या उससे कम शुद्धता वाले सोने का इस्तेमाल होता है। गहने लेते समय भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का हॉलमार्क और एचयूआईडी नंबर जरूर जांचें। एचयूआईडी को बीआईएस केयर ऐप से सत्यापित किया जा सकता है।
मेकिंग चार्ज और पत्थरों का हिसाब समझें
आभूषण की कीमत में मेकिंग चार्ज और डिजाइन के अनुसार अन्य शुल्क जुड़ते हैं। दुकानदार से पूछें कि मेकिंग चार्ज वजन के हिसाब से है या प्रतिशत के आधार पर। कुंदन, पोल्की और डायमंड वाले गहनों में सोने तथा पत्थरों का वजन और कीमत अलग-अलग दर्ज करवाएं।
पक्का बिल लेना न भूलें
बिल में सोने की शुद्धता, वजन, प्रति ग्राम दर, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और कुल भुगतान का विवरण होना चाहिए। यह दस्तावेज भविष्य में गहने बदलने, बेचने या शिकायत करने की स्थिति में काम आता है। बिना बिल के खरीदारी करने से बचें।
पुराने गहनों के एक्सचेंज की शर्तें जानें
पुराना सोना देकर नया आभूषण खरीदते समय पहले उसकी शुद्धता और वजन की जांच करवाएं। पुराने गहने की कीमत किस दर से तय होगी और जांच या पिघलाने के नाम पर कितनी कटौती होगी, यह पहले स्पष्ट कर लें। नए गहने का मेकिंग चार्ज और पुराने सोने का मूल्य अलग-अलग लिखवाएं।
निवेश के लिए विकल्पों की तुलना करें
निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं तो ज्वेलरी के साथ सिक्के और बार जैसे विकल्पों की लागत भी समझें। ज्वेलरी पर लगने वाला मेकिंग चार्ज बेचते समय सामान्यतः वापस नहीं मिलता। इसलिए खरीदारी से पहले अपनी जरूरत, बजट और सभी अतिरिक्त खर्चों का हिसाब जरूर लगाएं।
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