नवांशहर जिला अस्पताल अपग्रेड होकर बनेगा 220 बेड का टीचिंग अस्पताल; अगले महीने शुरू होगा निर्माण कार्य, 50 एमबीबीएस सीटों पर होंगे दाखिले
नवांशहर जिला अस्पताल अपग्रेड होकर बनेगा 220 बेड का टीचिंग अस्पताल; अगले महीने शुरू होगा निर्माण कार्य, 50 एमबीबीएस सीटों पर होंगे दाखिले
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। सेहत एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने गुरुवार को ऐलान किया कि शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर में 160 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और टीचिंग अस्पताल स्थापित करने के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' (एलओआई) जारी कर दिया गया है।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि 'पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड' (पीआईडीबी) ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत 'मैसर्स इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड' को यह प्रोजेक्ट सौंपा है। योजना के तहत नवांशहर के मौजूदा 150 बेड वाले जिला अस्पताल को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुसार 220 बेड के टीचिंग अस्पताल में अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा परिसर में एकेडमिक और आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
30 बेड का कैथ लैब युक्त कार्डिएक केयर यूनिट
इस नए मेडिकल कॉम्प्लेक्स में 30 बेड का सुपर-स्पेशलिटी कार्डिएक केयर यूनिट भी स्थापित किया जाएगा। इसमें एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए एडवांस्ड 'कैथेटराइजेशन लैब' (कैथ लैब) मौजूद रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की इमारत का निर्माण कार्य अगले महीने से शुरू हो जाएगा और 18 महीनों के भीतर संस्थान के चालू होने की उम्मीद है। औपचारिक समय सीमा 3 साल की है, लेकिन मौजूदा अस्पताल का इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होने से काम तेजी से पूरा होगा।
स्थानीय युवाओं को एमबीबीएस सीटों में मिलेगा लाभ
यह मेडिकल कॉलेज हर साल 50 एमबीबीएस सीटों की पेशकश करेगा, जिसमें से 50 फीसदी सीटें पंजाब सरकार के कोटे के तहत आरक्षित रहेंगी। इससे स्थानीय मेधावी छात्रों को अपने घर के पास ही डॉक्टर बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि इस अस्पताल से नवांशहर, बलाचौर, रोपड़, गढ़शंकर, बंगा, माछीवाड़ा और आसपास के 35-40 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लाखों लोगों को फायदा होगा। दिल के मरीजों को अब आपातकालीन इलाज के लिए चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना या अमृतसर जैसे दूरदराज के शहरों में नहीं भागना पड़ेगा।
₹10 में पर्ची, मुफ्त इलाज और सस्ती जांच की सुविधा
डॉ. बलबीर सिंह ने आम जनता को सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं का आश्वासन देते हुए कहा कि ओपीडी पंजीकरण शुल्क मात्र 10 रुपये रहेगा। 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' (एमएमएसवाई) और 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (एबी-पीएमजय) के पात्र लाभार्थियों को पूरी तरह से मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा। सरकारी फार्मेसियों के माध्यम से जरूरी दवाएं मुफ्त दी जाएंगी, जबकि सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी गंभीर जांचें भी बेहद कम और रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रोड़ी, प्रधान सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कुमार राहुल, रूपनगर के विधायक दिनेश चड्ढा और नवांशहर हलका प्रभारी जसप्रीत सिंह रॉबी कांग भी मौजूद रहे।
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