आटे-बिजली के संकट पर फूटा जनता का गुस्सा; शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सेना ने दागीं गोलियां, पूरे इलाके में ब्लैकआउट
आटे-बिजली के संकट पर फूटा जनता का गुस्सा; शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सेना ने दागीं गोलियां, पूरे इलाके में ब्लैकआउट
खबर खास | मुजफ्फराबाद
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हालात बेहद नाजुक और तनावपूर्ण हो गए हैं। भीषण महंगाई, खाद्यान्न संकट और बिजली के अत्यधिक बिलों से त्रस्त होकर सड़कों पर उतरे बेकसूर नागरिकों पर पाकिस्तानी सेना ने भारी बल प्रयोग किया है। आंदोलन को दबाने की नियत से सेना के जवानों ने आम नागरिकों के घरों और भीड़ को निशाना बनाते हुए ड्रोन से हमले किए और सीधी गोलीबारी की। इस हिंसक कार्रवाई में 3 स्थानीय निवासियों की जान चली गई, जबकि 18 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजफ्फराबाद सहित कई प्रमुख इलाकों में 'अवामी एक्शन कमेटी' के बैनर तले हजारों लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रास्तों की ओर रुख किया, पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। भीड़ को तितर-बितर करने के बजाय जवानों ने सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों में दहशत फैलाने के लिए रिहायशी बस्तियों के ऊपर से ड्रोन के जरिए निगरानी और हमले किए गए, जिससे कई मकानों को क्षति पहुंची है।
सेना की इस खूनी कार्रवाई के बाद पूरे पीओके में जनआक्रोश की लहर दौड़ गई है। जगह-जगह नागरिक सड़कों पर उतरकर पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। मामले की गंभीरता और वीडियो-तस्वीरें बाहर आने से रोकने के लिए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में इंटरनेट और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी हैं। इसके बावजूद, निहत्थे लोगों पर किए गए इस दमन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की तीखी आलोचना हो रही है।
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