7 घंटे के पंजाब बंद में सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई के साथ बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह हवारा समेत कई बंदियों को पैरोल देने की मांग
7 घंटे के पंजाब बंद में सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई के साथ बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह हवारा समेत कई बंदियों को पैरोल देने की मांग
खबर खास | चंडीगढ़
कौमी इंसाफ मोर्चा ने सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक सात घंटे के पंजाब बंद का आह्वान किया है। मोर्चा उन सिख बंदियों की रिहाई की मांग कर रहा है, जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जेलों में बंद हैं। प्रदर्शन के दौरान कई चर्चित मामलों में सजा काट रहे सिख बंदियों को पैरोल और रिहाई देने की मांग भी उठाई जा रही है।
मोर्चा की प्रमुख मांगों में बलवंत सिंह राजोआना की रिहाई भी शामिल है। उन्हें पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में 2007 में मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, उनकी फांसी कई बार टाली जा चुकी है।
प्रदर्शनकारियों की ओर से जगतार सिंह हवारा की रिहाई और पैरोल की भी मांग की जा रही है। हवारा की मौत की सजा को 2010 में उम्रकैद में बदल दिया गया था। इसके अलावा उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह तारा और मौत की सजा पाए परमजीत सिंह भ्योरा की रिहाई की मांग भी मोर्चा ने उठाई है।
मोर्चा ने देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर का मामला भी उठाया है। भुल्लर को 1993 में दिल्ली में एम.एस. बिट्टा को निशाना बनाकर किए गए कार बम विस्फोट के मामले में दोषी ठहराया गया था।
इसके अलावा गुरदीप सिंह खेड़ा की रिहाई की मांग भी की जा रही है। उन्हें 2010 में एक कैदी को भगाने की साजिश और पुलिसकर्मियों पर हमले से जुड़े मामले में तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।
मोर्चा का कहना है कि बंद का उद्देश्य सरकार का ध्यान उन सिख बंदियों के मुद्दे की ओर आकर्षित करना है, जो अपनी सजा पूरी करने के बावजूद अब भी जेलों में बंद हैं। मोर्चा सरकार से इन मामलों पर तत्काल कार्रवाई और बंदियों की रिहाई को लेकर ठोस फैसला लेने की मांग कर रहा है।
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