अमृतसर में भीख मांगने में शामिल 422 लोग चिन्हित; सरकार का फोकस पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापना पर
अमृतसर में भीख मांगने में शामिल 422 लोग चिन्हित; सरकार का फोकस पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापना पर
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने गुरुवार को बताया कि राज्य सरकार की SMILE (सपोर्ट फॉर मार्जिनलाइज्ड इंडिविजुअल्स फॉर लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज) योजना के तहत भीख मांगने में शामिल 32 लोगों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया जा चुका है। इसके साथ ही पंजाब के अन्य शहरों में भी सर्वे का विस्तार किया जा रहा है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मार्च 2026 में अमृतसर में शुरू किए गए सर्वे के दौरान भीख मांगने में शामिल 422 लोगों की पहचान की गई। इनमें से 32 लोगों का विभिन्न कल्याणकारी उपायों के माध्यम से पुनर्वास किया जा चुका है।
इनमें आठ लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया, दो लोगों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिलाया गया, चार लोगों के आधार कार्ड बनवाए गए, एक व्यक्ति को आशीर्वाद योजना के तहत सहायता दी गई, चार लोगों को वृद्धाश्रमों में भेजा गया और 13 लोगों को रोजगार या आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया। इसके अलावा 54 लोगों को काउंसलिंग सहायता भी दी गई है।
चार शहरों में लागू हो रही SMILE योजना
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के समावेशी और संवेदनशील पंजाब के विजन के तहत SMILE योजना को अमृतसर, पटियाला, लुधियाना और जालंधर में लागू किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पटियाला में भीख मांगने में शामिल 168 लोगों की पहचान की गई है और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। वहीं, लुधियाना और जालंधर में सर्वे सितंबर के दूसरे सप्ताह से शुरू किए जाने हैं।
सिर्फ भीख मांगना खत्म करना उद्देश्य नहीं
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि SMILE योजना का उद्देश्य केवल भीख मांगने की समस्या को खत्म करना नहीं है। सरकार का लक्ष्य जरूरतमंद लोगों की गरिमा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता बहाल करना है। इसके लिए उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, काउंसलिंग, कौशल विकास कार्यक्रमों, शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
परिवार से मिलाने से लेकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था
मंत्री ने बताया कि सर्वे और लोगों की पहचान का काम जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों के समन्वय से किया जा रहा है।
जिन लोगों को तत्काल सहायता की जरूरत होती है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाता है, जहां उन्हें काउंसलिंग, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सहायता दी जाती है। जिन लोगों के परिवारों का पता चल जाता है, उन्हें उनके परिवारों से मिलाया जाता है, जबकि अन्य लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार उपयुक्त पुनर्वास केंद्रों से जोड़ा जाता है।
कई विभाग मिलकर चला रहे अभियान
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगमों, स्थानीय निकाय संस्थाओं, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कौशल विकास एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक व्यापक सहायता पहुंच सके।
लोगों से नकद देने के बजाय मदद से जोड़ने की अपील
डॉ. बलजीत कौर ने लोगों से अपील की कि वे सड़कों पर भीख मांगने वालों को नकद देकर भीख मांगने को प्रोत्साहित न करें। इसके बजाय ऐसे लोगों को सरकार की पुनर्वास और सामाजिक कल्याण सेवाओं से जोड़ने में मदद करें।
उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही भीख मुक्त, आत्मनिर्भर और गरिमापूर्ण ‘रंगला पंजाब’ के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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