खंडेबाद गांव में 217 कनाल 14 मरले सरकारी जमीन पर विकसित होगी मंडी; मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी
खंडेबाद गांव में 217 कनाल 14 मरले सरकारी जमीन पर विकसित होगी मंडी; मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सोमवार को लहरागागा के नजदीक खंडेबाद गांव में नई अनाज मंडी स्थापित करने की घोषणा की। इसके लिए 217 कनाल 14 मरले सरकारी जमीन निर्धारित की गई है, जो 27 एकड़ से अधिक है। पंजाब कैबिनेट ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री बरिंदर गोयल ने बताया कि लहरागागा की मौजूदा अनाज मंडी कृषि उपज की बढ़ती आवक को संभालने में सक्षम नहीं रह गई है। खासकर धान और गेहूं की पैदावार में पिछले कई वर्षों के दौरान हुई बढ़ोतरी के कारण मंडी में खरीद और व्यापार संबंधी गतिविधियों के लिए जगह कम पड़ने लगी है।
45 साल पुरानी मंडी में जगह की कमी से बढ़ी परेशानी
मंत्री ने बताया कि मौजूदा अनाज मंडी करीब 45 वर्ष पहले लगभग 12 एकड़ जमीन पर स्थापित की गई थी। बाद में इसी परिसर में कपास यार्ड भी विकसित किया गया। समय के साथ कृषि उत्पादन और मंडी में फसलों की आवक बढ़ती गई, लेकिन उपलब्ध जगह में उसी अनुपात में विस्तार नहीं हो सका। इसके चलते किसानों, व्यापारियों और आढ़तियों को खरीद तथा बिक्री के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
शहर के बीच मंडी होने से खरीद सीजन में लगता है जाम
बरिंदर गोयल ने कहा कि मौजूदा अनाज मंडी लहरागागा शहर के बीचोंबीच स्थित है। फसल खरीद के सीजन में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों की आवाजाही बढ़ने से शहर में लगातार यातायात जाम की समस्या पैदा होती है। किसान, व्यापारी और आढ़ती लंबे समय से नई अनाज मंडी स्थापित करने की मांग कर रहे थे, ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकें और शहर को भी जाम से राहत मिले।
खंडेबाद में बनेगी मंडी, लेहल खुर्द की जमीन से मिलेगा रास्ता
स्थानीय लोगों और कृषि कारोबार से जुड़े लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए पंजाब सरकार ने खंडेबाद गांव में सरकारी जमीन पर नई मंडी विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मंत्री के अनुसार, प्रस्तावित मंडी तक पहुंचने के लिए लेहल खुर्द गांव की जमीन के माध्यम से रास्ते की व्यवस्था की जाएगी।
नई मंडी बनने से किसानों, व्यापारियों और आढ़तियों को फसल की खरीद-फरोख्त के लिए अधिक जगह और बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही लहरागागा शहर में खरीद सीजन के दौरान यातायात का दबाव भी कम हो सकेगा। यह मंडी क्षेत्र में बढ़ती कृषि उपज की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।
बरिंदर गोयल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पूरी कैबिनेट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी और क्षेत्र में कृषि विपणन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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