सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत सितंबर 2026 तक 13,995 बसों का निरीक्षण; मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने नियम तोड़ने वाले स्कूलों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी
सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत सितंबर 2026 तक 13,995 बसों का निरीक्षण; मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने नियम तोड़ने वाले स्कूलों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने स्कूल बसों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2025 से सितंबर 2026 तक राज्यभर में 13,995 स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने पर 3,621 बसों के चालान काटे गए, जबकि 31 बसों को जब्त किया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में सरकार कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।
डॉ. बलजीत कौर के मुताबिक, वर्ष 2025 में जिला स्तरीय स्कूल वाहन जांच समितियों ने 8,325 बसों की जांच की थी। इस कार्रवाई में 2,026 बसों के चालान किए गए और 24 वाहनों को जब्त किया गया। वहीं, जनवरी से सितंबर 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 5,670 बसों का निरीक्षण हुआ। इनमें 1,595 बसों के चालान काटे गए और सात बसें जब्त की गईं।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपायुक्तों और जिला स्तरीय जांच समितियों को निर्देश दिए कि स्कूल बसों की नियमित जांच की जाए और सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर तत्काल सुधार कराया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई भी की जाए।
डॉ. बलजीत कौर ने स्कूल प्रबंधकों और वाहन संचालकों को आगाह किया कि बच्चों को स्कूल लाने और घर छोड़ने के लिए केवल मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों का ही इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि बसों की सुरक्षा व्यवस्था को औपचारिकता न समझा जाए, क्योंकि बच्चों की जान और सुरक्षा सीधे इससे जुड़ी हुई है।
अभिभावकों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई है। मंत्री ने कहा कि यदि किसी स्कूल बस में सुरक्षा नियमों की अनदेखी दिखाई देती है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए। स्कूल प्रबंधन, ट्रांसपोर्टरों और परिवारों के सहयोग से ही बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था बनाई जा सकती है।
उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य केवल बसों की जांच और चालान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के हर बच्चे के लिए सुरक्षित स्कूल यात्रा सुनिश्चित करना है, ताकि बच्चे बिना किसी जोखिम के स्कूल पहुंचें और सकुशल अपने घर लौटें।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0