काशी से केदारनाथ और उज्जैन से बैद्यनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के साथ भोलेनाथ की आराधना
काशी से केदारनाथ और उज्जैन से बैद्यनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के साथ भोलेनाथ की आराधना
नई दिल्ली, 3 अगस्त
सावन मास के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में आस्था और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही भगवान शिव के मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, महाकालेश्वर, बैद्यनाथ धाम, सोमनाथ, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, श्रीशैलम, रामेश्वरम और देशभर के हजारों शिव मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव', 'बम-बम भोले' और 'ॐ नमः शिवाय' के जयघोष से दिनभर गुंजायमान रहे।
सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर गंगाजल, जल, दूध, दही, शहद, घी, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प और मौसमी फल अर्पित कर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की। कई मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव महापुराण कथा, भजन-कीर्तन और विशेष आरती का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सफलता और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम, उत्तराखंड के केदारनाथ धाम, मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर, झारखंड के बैद्यनाथ धाम, गुजरात के सोमनाथ मंदिर, महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर, मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर और देशभर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कई स्थानों पर कांवड़ यात्रियों ने पवित्र नदियों से लाया गया जल भगवान शिव को अर्पित किया। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए।
देश के अनेक राज्यों में सावन के पहले सोमवार पर धार्मिक शोभायात्राएं, भजन संध्या, सामूहिक रुद्राभिषेक और भंडारों का भी आयोजन किया गया। मंदिरों में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचे। कई स्थानों पर सुबह से देर शाम तक दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहा।
हिंदू धर्म में सावन मास को भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस पूरे महीने शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने तथा सोमवार का व्रत रखने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। माना जाता है कि सावन में विधि-विधान से की गई शिव आराधना जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। इसी आस्था के चलते सावन के प्रत्येक सोमवार को देशभर के शिवालयों में लाखों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
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