पंजाब सरकार ने प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की; मजदूर संगठनों ने सहायता राशि अपर्याप्त बताते हुए बढ़ा हुआ मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
पंजाब सरकार ने प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की; मजदूर संगठनों ने सहायता राशि अपर्याप्त बताते हुए बढ़ा हुआ मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
खबर खास | संगरूर
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कैबिनेट मंत्री एडवोकेट बरिंदर गोयल ने सोमवार सुबह संगरूर जिले के लहरागागा क्षेत्र में अलीशेर गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले आठ मजदूरों के परिवारों से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य तथा इलाज की जानकारी ली।
इस हादसे में आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 से अधिक लोग घायल हो गए। खबरों के अनुसार, मजदूर काम खत्म करने के बाद सड़क किनारे बैठकर पानी पी रहे थे और आराम कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
दौरे के दौरान हरपाल चीमा और बरिंदर गोयल ने घायल मजदूरों से बातचीत की और डॉक्टरों से उनकी हालत तथा चल रहे इलाज के बारे में जानकारी ली। मंत्रियों ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में पंजाब सरकार उनकी हरसंभव सहायता करेगी।
मंत्रियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हादसे में घायल सभी लोगों के इलाज का पूरा खर्च भी सरकार उठाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार कार चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब सरकार ने शोक संतप्त परिवारों को सहायता देने और घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मजदूर संगठनों ने 2 लाख रुपये के मुआवजे को अपर्याप्त बताया
इस बीच, मजदूर संगठनों की ओर से गठित एक एक्शन कमेटी ने राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को 2 लाख रुपये देने की घोषणा को सिरे से खारिज कर दिया। कमेटी ने इस सहायता राशि को अपर्याप्त बताया।
कमेटी ने मृतकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे और प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इसके साथ ही सरकार और प्रशासन से सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की अपील की, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
मजदूर संगठनों ने इस घटना को लेकर सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
कमेटी का कहना है कि इस दर्दनाक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता और लंबे समय तक सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वे इस नुकसान से उबरने में सक्षम हो सकें।
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