ज्वैलरी ब्रांड के विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, धर्मशास्त्रियों ने कहा—रक्षाबंधन की पारंपरिक मर्यादा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं
ज्वैलरी ब्रांड के विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, धर्मशास्त्रियों ने कहा—रक्षाबंधन की पारंपरिक मर्यादा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं
रक्षाबंधन से पहले एक ज्वैलरी ब्रांड का नया विज्ञापन विवादों में घिर गया है। बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन इस विज्ञापन में अपने पालतू कुत्ते को राखी बांधती नजर आ रही हैं। विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग इसे प्यार और अपनापन दर्शाने वाला संदेश बता रहे हैं, वहीं काशी के कई धर्मशास्त्रियों और विद्वानों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
विद्वानों का कहना है कि रक्षाबंधन सनातन परंपरा का एक पवित्र पर्व है और इसकी धार्मिक मर्यादाओं को नजरअंदाज कर इसे अलग रूप में पेश करना उचित नहीं है। उन्होंने विज्ञापन की आलोचना करते हुए कहा कि जानवरों के प्रति प्रेम और करुणा रखना निश्चित रूप से धर्मसम्मत है, लेकिन रक्षाबंधन की पारंपरिक धार्मिक विधि में पालतू जानवरों को राखी बांधने का कोई उल्लेख नहीं मिलता।
धर्मशास्त्रियों के अनुसार रक्षा सूत्र, जिसे सामान्य बोलचाल में राखी कहा जाता है, केवल एक धागा नहीं बल्कि रक्षा, विश्वास, प्रेम और संकल्प का प्रतीक है। भारतीय परंपरा में इसका विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रहा है। प्राचीन समय से पुरोहित अपने यजमानों और गुरु अपने शिष्यों को रक्षा सूत्र बांधते रहे हैं।
रक्षाबंधन को केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं माना जाता। यह गुरु-शिष्य, आचार्य-विद्यार्थी, देवता-भक्त और अन्य पवित्र संबंधों में विश्वास और रक्षा के संकल्प का भी प्रतीक माना जाता है। विद्वानों का कहना है कि रक्षा सूत्र भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक है और इसे धार्मिक परंपराओं के अनुरूप ही देखा जाना चाहिए।
काशी के धर्माचार्यों ने कहा कि सनातन धर्म के प्रमुख पारंपरिक ग्रंथों और रक्षाबंधन की प्रचलित विधियों में पालतू कुत्ते या अन्य जानवरों को राखी बांधने को किसी अनिवार्य धार्मिक परंपरा के रूप में नहीं बताया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पशुओं के प्रति दया, प्रेम और उनकी देखभाल करना भारतीय संस्कृति और धर्म की महत्वपूर्ण भावना है।
विज्ञापन को लेकर जारी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक वर्ग इसे आधुनिक सोच और भावनात्मक रिश्तों की अभिव्यक्ति बता रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे रक्षाबंधन की पारंपरिक मर्यादाओं के विपरीत मानते हुए विरोध जता रहा है। फिलहाल कृति सेनन के इस विज्ञापन ने रक्षाबंधन से पहले परंपरा और आधुनिकता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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