2021 में शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था पंजाब, आज प्राथमिक शिक्षा में नंबर-1; शिक्षक दिवस पर 50 शिक्षकों को सम्मानित किया
2021 में शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था पंजाब, आज प्राथमिक शिक्षा में नंबर-1; शिक्षक दिवस पर 50 शिक्षकों को सम्मानित किया
खबर खास | मोहाली
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार के शिक्षा सुधारों ने पंजाब की सरकारी स्कूल व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब 27वें स्थान पर था, लेकिन आज राज्य प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर-1 स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने के सरकार के लक्ष्य की भी घोषणा की।
मोहाली में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण, 118 उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना, 16,348 स्कूलों में वाई-फाई सुविधा, व्यापारिक प्रतिभा कार्यक्रम और अभिभावक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से अभिभावकों की बढ़ती भागीदारी को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के प्रमुख कारण बताया। इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले 50 शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनका सपना पंजाब को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उठाए जा रहे क्रांतिकारी कदमों के कारण वह दिन दूर नहीं, जब दुनिया भर से शिक्षक प्रशिक्षण लेने के लिए पंजाब आएंगे।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ज्ञान, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। उनका मानना था कि शिक्षा मानवता के विकास का सबसे बड़ा साधन है। इसी कारण उनकी जयंती को पूरे देश में शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के दिन के रूप में मनाया जाता है।
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कुल 50 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार दिए गए, जिनमें 21 प्राथमिक और 29 माध्यमिक शिक्षक शामिल थे। इसके अलावा 10 शिक्षकों को युवा शिक्षक पुरस्कार, चार शिक्षकों को विशेष शिक्षक पुरस्कार और छह शिक्षकों को प्रशासनिक पुरस्कार प्रदान किए गए। शिक्षा मंत्री द्वारा नामित शिक्षकों को भी पांच पुरस्कार दिए गए।
मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और जुनून पंजाब के सुनहरे भविष्य की नींव तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को केवल एक विभाग नहीं, बल्कि पंजाब के सामाजिक और आर्थिक बदलाव का महत्वपूर्ण आधार मानती है।
उन्होंने बताया कि 234 प्रधानाचार्यों और शिक्षा अधिकारियों को सिंगापुर में, 152 प्रधानाध्यापकों को भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद में तथा 144 प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड के तुर्कू विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। 118 उत्कृष्ट विद्यालयों के आधुनिकीकरण पर 88.67 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्कूलों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 211.58 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए 1,917 परिसर प्रबंधक, 1,316 सुरक्षा कर्मचारी, 7,113 सफाई कर्मचारी और 1,785 चौकीदार तैनात किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि 16,348 स्कूलों में वाई-फाई कनेक्शन लगाए गए हैं। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और शौचालयों में सुधार के लिए 488.67 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दी उपलब्ध कराने के लिए 47 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है। विद्यार्थियों को समय पर किताबें भी उपलब्ध कराई गई हैं। छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा शुरू की गई है। पोषण योजना के तहत करीब 16 लाख सरकारी स्कूल विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है।
व्यापारिक प्रतिभा कार्यक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना चाहती है। इस कार्यक्रम के तहत 1.83 लाख विद्यार्थियों को अपने कारोबारी विचारों पर काम करने के लिए 10.32 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि दी गई है।
उन्होंने बताया कि पंजाब के 1,490 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के तहत 20 से अधिक व्यवसाय सिखाए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल हासिल करने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं एक शिक्षक का बेटा हूं और शिक्षकों के सामने आने वाली कठिनाइयों को अच्छी तरह समझता हूं।”
उन्होंने कहा कि स्कूल ज्ञान के मंदिर हैं। सरकारी स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठकों की शुरुआत से विद्यार्थियों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी काफी बढ़ी है। पिछली बैठक में 24 लाख से अधिक अभिभावक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक रिक्शा चालक का भी अपने बेटे की पढ़ाई और प्रगति की जानकारी लेने के लिए बैठक में पहुंचना इस बदलाव का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार सरकारी स्कूल व्यवस्था से 881 विद्यार्थियों ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में शपथ लेने के समय पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था, जबकि आज पंजाब प्राथमिक शिक्षा में देश में नंबर-1 स्थान पर पहुंच गया है और लंबे समय से शीर्ष स्थान पर रहे केरल को भी पीछे छोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों के हित में सरकार के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों को और मजबूत करेगी, शिक्षकों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देगी और विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करेगी। शिक्षकों और सरकार के संयुक्त प्रयासों से शिक्षित, कुशल और समृद्ध ‘रंगला पंजाब’ का निर्माण किया जाएगा।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह के महत्व पर प्रकाश डाला। विधायक कुलवंत सिंह, शिक्षा सचिव सोनाली गिरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी समारोह में उपस्थित रहे।
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