फोर्टिफाइड तेल में तय मानकों से कम मिली विटामिन A और D की मात्रा, लैब की दोबारा जांच में भी सामने आई कमी
फोर्टिफाइड तेल में तय मानकों से कम मिली विटामिन A और D की मात्रा, लैब की दोबारा जांच में भी सामने आई कमी
फॉर्च्यून ब्रांड के सनफ्लावर ऑयल को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त कार्रवाई की है। नियामक ने AWL Agri Business Ltd के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कंपनी पर जुर्माना लगाया है। मामला तय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता नहीं पाए जाने वाले फोर्टिफाइड सनफ्लावर ऑयल की बिक्री से जुड़ा है। हालांकि, FSSAI की ओर से जुर्माने की राशि का खुलासा नहीं किया गया है।
FSSAI के मुताबिक, मामला कंपनी की मैंगलुरु यूनिट में तैयार किए गए Fortune Fryola Refined Sunflower Seed Oil से संबंधित है। इस उत्पाद का एक लीटर का सैंपल गोवा के ताज फोर्ट अगुआड़ा रिजॉर्ट एंड स्पा से लिया गया था। शुरुआती प्रयोगशाला जांच में तेल में विटामिन A और विटामिन D की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई।
कंपनी की ओर से दोबारा जांच की मांग किए जाने के बाद सैंपल को रेफरल लैब में भेजा गया। दूसरी जांच में भी तेल में विटामिन D की मात्रा निर्धारित मानक से कम होने की पुष्टि हुई। इसके बाद नियामक ने उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ाई।
फूड फोर्टिफिकेशन नियमों पर खरा नहीं उतरा उत्पाद
FSSAI ने बताया कि संबंधित उत्पाद Food Fortification Regulations, 2018 में निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करता था। इसके बाद केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण से मंजूरी मिलने पर गोवा के सक्षम अधिकारी ने कंपनी पर जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया।
हाल के महीनों में FSSAI ने खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और कंपनियों की ओर से किए जाने वाले दावों को लेकर निगरानी तेज की है। नियामक की ओर से कई प्रमुख खाद्य एवं पेय कंपनियों के उत्पादों और लेबलिंग को लेकर कार्रवाई की गई है।
इसी कड़ी में FSSAI ने हाल ही में डाबर इंडिया को अपने कुछ उत्पादों से ‘100% Natural’, ‘100% Pure’ और ‘100% Organic’ जैसे दावों को हटाने का निर्देश दिया था। नियामक का कहना था कि इन दावों के समर्थन में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं और इस तरह की भाषा उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकती है।
इसके अलावा कुछ जूस निर्माताओं को अपने उत्पादों पर ‘100% Fruit Juice’ जैसे दावे हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसे उत्पादों में पानी और फ्रूट कॉन्सन्ट्रेट के इस्तेमाल को देखते हुए लेबलिंग को लेकर सवाल उठाए गए थे।
FSSAI की लगातार बढ़ती निगरानी के बीच खाद्य कंपनियों के लिए उत्पादों की गुणवत्ता, फोर्टिफिकेशन मानकों और पैकेजिंग पर किए जाने वाले दावों को लेकर नियमों का पालन करना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
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