ट्रंप ने मदद की पेशकश की, नेपाल ने पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए विदेशी बचाव दलों को भेजने से किया इनकार
ट्रंप ने मदद की पेशकश की, नेपाल ने पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए विदेशी बचाव दलों को भेजने से किया इनकार
खबर खास | काठमांडू
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में बुधवार को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ ने नेपाल और तिब्बत में भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक कम से कम 472 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में करीब 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
तिब्बत की ओर से आया बाढ़ का पानी नेपाल में घुस गया, जिससे रसुवा जिले समेत कई अन्य इलाकों में व्यापक नुकसान हुआ। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एक और बड़ी आपदा का खतरा बना हुआ है, क्योंकि ऊपर की ओर स्थित एक झील में बड़ी मात्रा में पानी जमा है। यदि पानी को रोकने वाला प्राकृतिक अवरोध टूट गया, तो एक और बाढ़ आ सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस भीषण आपदा के बाद नेपाल को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। एनबीसी न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने नेपाली अधिकारियों से बातचीत कर नुकसान का जायजा लिया और राहत एवं बचाव के लिए आवश्यक सहायता पर चर्चा की।
भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों की ओर से मदद की पेशकश किए जाने के बावजूद नेपाल सरकार ने विदेशी बचाव दलों को देश में भेजने से इनकार कर दिया है। नेपाली अधिकारियों का कहना है कि नेपाल सेना और पुलिस मौजूदा खोज एवं बचाव अभियान को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है।
नेपाली अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2015 में आए भूकंप के दौरान बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय बचाव दलों के पहुंचने से जमीन पर राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय में कई परेशानियां सामने आई थीं। उस अनुभव से सबक लेते हुए सरकार ने विदेशी बचाव कर्मियों को तैनात करने के बजाय वित्तीय और मानवीय सहायता लेने का फैसला किया है। भारत ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें भेजने की भी पेशकश की थी, लेकिन नेपाल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अधिकारी लापता लोगों को जल्द से जल्द तलाशने और एक और बाढ़ की आशंका के बीच जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
नेपाल में त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में बाढ़ के कारण करीब 100 लोग फंसे हुए हैं। नेपाली सेना की हेलीकॉप्टर बचाव टीमें उन्हें बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, क्षेत्र से 350 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि करीब 100 लोग अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0