8.37 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत मोहाली, अमृतसर, लुधियाना और बठिंडा की लैब में लगेंगे विशेष उपकरण; ड्रोन के जीपीएस रिकॉर्ड, उड़ान का इतिहास, कैमरे की फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की होगी जांच