नई सरकार के प्रस्तावित फैसले से सिख, मुस्लिम और यहूदी समुदायों के बच्चों पर पड़ सकता है असर; धार्मिक स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता और बच्चों के अधिकारों को लेकर छिड़ी बहस